प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना : pregnancy me period jaisa dard hona

महिला के गर्भ धारण की सूचना मिलते ही घर – परिवार, नात – बात में उत्साह का माहौल बन जाता है। लेकिन गर्भ की अवस्था बड़ी ही नाजुक होती है। जिसमे थोड़ी भी असावधानी होने पर, प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना शुरू हो सकता है। जिससे घबराकर महिलाए प्रेग्नेंट होने के बाद भी पीरियड आता है क्या के बारे में सोचने लगती है। इस कारण गर्भ धारण की हुई महिलाओं में सबसे पहले, एक ही सवाल आता है कि आखिर प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना क्या है?

प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना क्या है

महिला के प्रेग्नेंट होते ही, महिला का अपने गर्भ से भावात्मक लगाव हो जाता है। जिसके सकारात्मक होने पर, गर्भवती महिला के गर्भ का पोषण और विकास होता है। परन्तु इसके नकारात्मक होते ही महिलाओं में भय, शोक और चिंता की स्थिति बनने लगती है। जो गर्भ को सुखाने अथवा गिराने में अहम भूमिका निभाते है। जिससे महिलाओं में गर्भस्राव या गर्भपात होने की आशंका बनने लगती है। इस वजह से गर्भवती महिलाओं के मन में, प्रेगनेंसी में पीरियड आता है क्या की बात चलने लगती है। 

हालाकिं स्वस्थ और सामान्य गर्भवती महिला में, यह समस्या नहीं पाई जाती। परन्तु ऐसी महिलाए जिसमे पोषण की कमी, असामान्य वजह या कोई जीर्ण रोग हो। उनमे कई बार प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होता है। लेकिन खान – पान, उठने – बैठने आदि क्रियाओं में, गड़बड़ी होने पर गर्भवती महिला प्रेगनेंसी में रोना – धोना शुरू कर देती है। जो गर्भावस्था पहले महीने के दौरान पेट दर्द आदि कारणों से हो सकता है। जो गर्भ धारण की हुई महिला के लिए बुरा संकेत हो सकता है।   

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प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना क्या है ( what is period like pain during pregnancy in hindi )

आमतौर पर ससुराल वाले अपनी बहू के गर्भवती होने पर, गर्व महसूस करते है तो मायके वाले बिटिया का गर्भ ठहरने पर फूले नहीं समाते। जिससे दोनों ओर शुभकामना और बधाई का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन वास्तव में महिलाओं की प्रेगनेंसी बहुत सी समस्याओं से घिरी होती है। जिसमे से एक है प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा पेट में दर्द के साथ, योनि स्राव होने की संभावना पाई जाना है।

महिलाओ को गर्भावस्था के दौरान, अमूमन मरोड़ और संकुचन का एहसास होता है। जो प्रायः करके महिलाओं को पीरियड के समय भी होता है। जिससे अधिकतर महिलाओं को दोनों परिस्थियों में, अंतर करने में कठिनाई होती है। इस कारण गर्भवती महिला को संशय होता है, कि क्या प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होता है?

कई बार यह समस्याए सामान्य होती है। जो गर्भवती महिला की खुशहाली को बरकरार रखती है। लेकिन सावधानी न रखने पर, असामान्य होकर अरमानों पर पानी भी फेरने वाली होती है। यदि गर्भावस्था का पहला महीना में पेट दर्द हो तो खासकर, क्योकि इसी दौरान महिलाओं में गर्भस्राव होने की संभावना सबसे अधिक पाई जाती है।  

महिलाओं की प्रेगनेंसी के शुरुआती दौर में, पीरियड जैसा दर्द होता है। जो गर्भ के प्रत्यारोपण के कारन भी हो सकता है। जिसके दौराब नहीं प्रेग्नेंट महिला को थोड़ी बहुत ब्लीडिंग होती है। इसके बाद महिला के गर्भ में पलने वाले शिशु का, बहुत तेजी से विकास होता है। जिसमे बार – बार संकुचन और फैलाव की प्रक्रिया का दोहराव देखा जाता है। 

वही जैसे – जैसे प्रसव पास आता है। वैसे – वैसे महिलाओं को प्रेगनेंसी में पेट के निचले हिस्से में दर्द होना शुरू हो जाता है। जो कई बार समय से पहले प्रसव होने की अवस्था में भी देखा जाता है। जो ठीक पीरियड में होने वाले ऐठन की तरह हो सकता है।

क्या प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होता है ( kya pregnancy me period jesa dard hota hai )

क्या प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होता है

सामान्य गर्भावस्था में महिलाओं को पेट में, संकुचन और फैलाव होना आम बात है। जो गर्भ में पल रहे बच्चे के विकसित होने का संकेत है। जो आमतौर पर प्रेगनेंसी के पांचवे महीने या उसके बाद बाद देखी जाती है। लेकिन किसी – किसी महिला को प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होता है। जिसके कारण इनके भीतर क्या प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होता है को लेकर संशय बना रहता है। 

प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द, किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इस कारण प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना, गर्भवती महिला के लिए अच्छा नहीं माना जाता। परन्तु यदि pregnancy me period jaisa pet dard बने रहने के साथ, योनि से स्राव निकलता है तो यह महिला के गर्भ गिरने का कारण बन सकता है। 

महिलाओं में गर्भ रुकने के तीन महीने तक, प्रत्यारोपित गर्भ सारहीन होता है। जिसके दौरान प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होने पर, गर्भस्राव की आशंका पाई जाती है। जिसमे यदि गर्भवती महिला को रजः स्राव दिखाई पड़ता है, तो गर्भवती महिला यह मान के चले कि उसका गर्भ अब नहीं टिकेगा। 

लेकिन गर्भवती महिला के गर्भ में रुका हुआ बच्चा, जब तीन माह की अवधि को पूर्ण करता है। तब यह सारहीन नहीं होता। जिसमे गर्भ में पाया जाने वाला बच्चा, अधिक विकसित और बड़ा हो जाता है। जिसके दौरान प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होने पर, यह गर्भपात कहलाता है। जिसमे पुष्प दर्शन ( पीरियड ) आ जाने पर शीघ्र गर्भ रोकने के उपाय करने पर ही, बच्चे को गिरने से बचाया जा सकता है।  

इस कारण गर्भ धारण की हुई महिला को, प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सम्भल कर रहना चाहिए। इसके साथ उन सभी चेष्टाओं का त्याग कर देना चाहिए। जो प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द करने वाले कारको को जन्म देने वाली हो। इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं को अनुभवी और जानकार, चिकित्सा विशेषज्ञ के संपर्क में लगातार रहना आवश्यक होता है।  

प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द क्यों होता है ( pregnancy me period jaisa dard kyu hota hai )

हर गर्भवती महिला के देह की प्रकृति, एक – दुसरे से भिन्न हो सकती है। जिसके कारण इनकी गर्भावस्था में आने वाली समस्याए भी अलग – अलग हो सकती है। इसलिए हर गर्भवती महिला में गर्भावस्था के समय, पीरियड जैसा दर्द होने के निम्नलिखित संभावित कारण हो सकते है –  

गर्भावस्था के दौरान बच्चेदानी का खिंचाव और फैलाव होने पर प्रेगनेंसी के दौरान जैसे – जैसे बच्चे का विकास होता है। गर्भ में पलने वाले शिशु का वजन बढ़ने लगता है। जिसको साधने के लिए गर्भाशय फैलती है। जिसके दौरान महिलाओं को प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होने की संभावना पाई जाती है।

हार्मोन्स में बदलाव होने के कारण 

महिला के प्रेग्नेंट होते ही, उसके शरीर में कई तरह के हार्मोन्स का बदलाव होता है। जो गर्भ को विकसित होने के लिए अत्यंत आवश्यक है। जिसके दौरान महिला को अपनी गर्भावस्था में पीरियड जैसा दर्द हो सकता है। 

गर्भाशय के राउंड लिगामेंट में दर्द होने पर 

प्रेगनेंसी के समय उदरस्त गोल स्नायुबंधन, बढे हुए गर्भाशय को सहारा देते है। जिससे गर्भस्त बच्चे के बढ़ने पर, पेट में खिंचाव और मरोड़ होने की प्रबल संभावना पाई जाती है। जिससे गर्भवती महिला के पेट में पीरियड जैसे दर्द आ सकते है। 

गलत खान – पान के कारण 

गर्भवती महिला के खान – पान का असर, उसके गर्भ पर सीधा प्रभाव दिखाता है। जिसमे सबसे हानिकारक तीखा और गर्म प्रकृति वाले भोज्य पदार्थ है। जिनका सेवन करते ही, पेट में पीरियड जैसे दर्द का अनुभव हो सकता है।  

शोक और भय होने से 

हर गर्भवती महिला का उसके बच्चे से भावात्मक लगाव होता है। जिससे गर्भवती महिला के शारीरिक और मानसिक उद्द्वेगों का सीधा असर पड़ता है। इस कारण इस दौरान डरने वाली महिलाओ का गर्भ सूखने या गिरने लगता है। जिससे महिला को प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द हो सकता है।

अधिक भरी सामान उठाने और अधिक परिश्रम के कारण

आमतौर पर जब गर्भवती महिला वजन उठाती है। जैसे पानी से भरी बाल्टी आदि तो उससे उसके गर्भ पर दाब पड़ता है। जिससे माता के गर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु हो सकती है। 

गर्भ में शिशु की मृत्यु हो जाने पर 

जब किसी कारण से कोख में पल रहे बच्चे की मृत्यु हो जाती है। उस समय गर्भ एक जगह अटक जाता है। उसमे किसी तरह का कोई स्पंदन नहीं होता। जिसके दौरान महिला को पीरियड जैसा दर्द होने के बाद भी, किसी तरह का स्राव नहीं होता। जो कुछ दिनों के बाद हो भी सकता है अथवा नहीं भी हो सकता।  

गर्भावस्था के दौरान मासिक धर्म के लक्षण ( menstruation symptoms during pregnancy  in hindi )

आमतौर पर महिलाओं में, प्रेगनेंसी के दौरान पीरियड के लक्षण नहीं पाए जाते। लेकिन यदि गर्भ ठहरने के बाद किसी महिला में, पीरियड के लक्षण दिखाई पड़ते है। तो वह पीरियड के लक्षण न होकर, गर्भस्राव अथवा गर्भपात के लक्षण होते है। जोकि गर्भ धारण करने वाली महिला का, गर्भ गिरने का लक्षण हो सकता है।

किंतु बहुत सी महिलाओं में नियमित माहवारी आने पर भी, गर्भ नहीं गिरता। जोकि असामान्य स्थिति है। जो बहुत ही न्यून अनुपात में देखने को मिलती है। जिसको एक तरह का अपवाद माना जा सकता है। जिसमे निम्नलखित लक्षण पाए जा सकते है –

  • पेट में मरोड़ के साथ नाभि के नीचे दर्द होना 
  • कमर टूटने जैसा दर्द होना
  • योनि से लगातार अथवा रुक – रुक कर रक्तस्राव होना
  • रक्तस्राव के दौरान बदबूदार काला और गठ्ठेदार खून निकलना
  • स्तनों का संवेदनशील होना
  • भूख न लगना
  • मन का उदाश होना
  • शरीर में थकान बनी रहना, आदि। 

प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द कब तक होता है ( pregnancy me period jaisa dard kab tak hota hai )

प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द कब तक होता है

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में, ऐंठन बनाम संकुचन का द्वन्द चलता रहता है। जिसके कारण प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होता है। जो अलग – अलग महिलाओं में, अलग – अलग समय तक पाया जा सकता है। जिसके कारण गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में पीरियड आता है क्या का डर बना रहता है। 

प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द कब तक होता है? यह निश्चित रूप से कह पाना कठिन होता है। क्योकि प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण मिलने के बाद से, तीन महीने तक प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होने पर गर्भस्राव की संभावना बनी रहती है। 

जिसके बीत जाने पर प्रेगनेंसी के चौथे महीने से, प्रसव होने से पहले तक प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होने पर गर्भपात की संभावना पायी जाती है। जिसमे भी प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द हो सकता है। जिसका कारण गर्भ के खराब होने के बाद, गर्भाशय की परत मोटी होकर टूट जाया करती है। जिससे इसके दौरान गर्भवती महिला को पेट में मरोड़ और दर्द होता है।  

प्रसव के दौरान भी कुछ महिलाओं को, प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द अनुभव होता है। जोकि योनि द्वार से गर्भ को बाहर निकालने की प्राकृतिक क्रिया है। जो बच्चे के प्रसव के लिए अत्यंत आवश्यक है।  

इनके बाद कभी – कभी कुछ महिलाए गर्भावस्था के दौरान, पेट के दाहिनी और बाई ओर भी दर्द का एहसास करती है। जिसको कुछ लोग गर्भ में लड़के और लड़की की निशानी समझते है। और प्रश्न उठाते है कि गर्भ में लड़का होने पर कहां दर्द होता है

गर्भावस्था का पहला महीना में पेट दर्द

प्रेग्नेंट महिला की प्रेगनेंसी के सभी महीने महत्वपूर्ण होते है। लेकिन पहला और अंतिम महीना विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। जिसके दौरान गर्भवती महिला को, विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। विशेष कर उनके सबसे नजदीकी लोग, जिससे वह न केवल भावात्मक बल्कि शारीरिक रूप से भी जुडी होती है। जो सम्मिलित परिवार में आसानी से देखा जाता है। 

लेकिन आजकल लोग एकल परिवार में ही रहना पसंद करते है। जिसके दौरान महिला – अपने पतियों के साथ रहती है। जिसको गर्भावस्था के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं होती। जिससे न चाहते हुए भी कुछ ऐसे कार्य हो जाते है। जो गर्भावस्था पहले महीने के दौरान पेट दर्द का कारण बनते है। जैसे – गलत खानपान, दिनचर्या और शारीरिक संबंध आदि।

गर्भावस्था का पहला महीना में पेट दर्द होने पर, रुका हुआ गर्भ अभी सारहीन होता है। जो पेट में मरोड़ होकर निकल सकता है। इसलिए गर्भावस्था के पहले महीने के दौरान पेट दर्द होने पर, प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना पाया जा सकता है। जिससे परेशान होकर महिलाए, प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना क्या है की बात करने लगती है। 

प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में पेट में दर्द होना

गर्भावस्था पहले महीने के दौरान पेट दर्द की तरह ही, गर्भावस्था का दूसरा महीना में पेट दर्द होने के सामान कारण है। इसलिए प्रेगनेंसी के दुसरे महीने में पेट दर्द होने पर, प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होकर गर्भस्राव होने की आशंका बनी रहती है। जिससे यह प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना क्या है जानने का प्रयास करती है। 

जिसको दूर करने के लिए इन्हे प्रेगनेंसी के दौरान न करने वाले, क्रिया कलापों को नहीं करना चाहिए, जैसे – अपने खानपान, व्यवहार आदि। लेकिन पहली बार माँ बनने वाली महिलाए इन बातों से अनजान होती है। जिसके कारण इनके उस तरह की चेष्टाएँ हो जाती है। जो गर्भावस्था के दौरान वर्जित है। जिससे इनमे प्रेगनेंसी के दौरान पीरियड जैसा दर्द हो सकता है। 

प्रेगनेंसी के तीसरे महीने में पेट में दर्द होना

गर्भावस्था तीसरे महीने के दौरान पेट दर्द होने के ठीक वही कारण है। जो गर्भावस्था पहले महीने के दौरान पेट दर्द होने पर होते है। जो आगे चलकर गर्भस्राव होने की आशंका को बल देते है। जिसके कारण गर्भवती महिलाए, इन समस्याओं को लेकर अंदर से डरी होती है। और प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होता है क्या की बात करने लगती है। 

जिन गर्भवती महिलाओं को यह सब बाते नहीं पता होती। उनको प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना क्या है की बात उतना परेशान नहीं करती। जितना कि उन महिलाओं को जो बच्चा चाहती है। फिर भी उनका गर्भ रुकने बाद अनजाने में गिर जाता है। जिससे पहली बार माँ बनने वाली महिला का मनोबल गिरने लग जाता है। 

लेकिन जो जोड़े परिवार नियोजन करने की चाहत रखते है। लेकिन दुर्भाग्यवश अनचाही प्रेगनेंसी हो जाती है। वो अधिक भार उठाना, कमरतोड़ मेहनत, बहुत तीखे और गर्म आहार करते है। तो उनमे प्रेगनेंसी होने पर भी पीरियड जैसे लक्षण दिखाई पड़ सकते है। जो गर्भस्राव भी हो सकता है।  

उपसंहार :

प्रेगनेंसी के लिए प्रयास करने वाली महिलाओ के, प्रेग्नेंट होने की खुशी देखते ही बनती है। लेकिन इन सब के बाद भी महिला को अपनी गर्भावस्था में, अपना विशेष ख्याल रखना आवश्यक है। जिसके लिए गर्भ को हानि पहुंचने वाले सभी क्रिया कलापों को इन्हे त्यागना होता है। परन्तु जानकारी के अभाव और स्वयं पर नियंत्रण न रख पाने आदि से, गर्भावस्था में प्रतिषेधक नियमों का उल्ल्घन हो जाता है। जिससे गर्भावस्था का पहला महीना में पेट दर्द हो सकता है। जो पीरियड के जैसा भी हो सकता है। इस कारण गर्भ धारण की हुई महिला के मन में, क्या प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होता है आने लग जाती है। 

महिलाओं में प्रेगनेंसी के लक्षण होने के बाद, पीरियड जैसा होने पर गर्भस्राव और गर्भपात हो सकता है। परन्तु गर्भस्राव होने पर अधिकांश मामलों में गर्भ को गिरने से बचा पाना कठिन होता है। लेकिन गर्भपात होने पर कुछ उपाय अवश्य लाभकारी है। किन्तु बिना समय गवाए शीघ्र उपचार करने पर। इसलिए गर्भवती महिलाओ के दिमाग में एक ही बात आती है कि प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द होना क्या है? 

इसके साथ इन्हे एक और बात परेशान करती है कि प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द कब तक होता है? तो यह प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षणों से लेकर प्रसव तक पाया जा सकता है। अनुभव और जानकारी के अभाव में, गर्भावस्था के संवेदनशील और सामान्य संकेतों में अंतर कर पाना कठिन होता है। यदि इस दौरान आपको योनि में रक्त स्राव के साथ, दर्द होता है। जो समय के साथ गंभीर होकर बुखार के लक्षणों को पैदा करता है। तो अविलम्ब आपको अपने चिकित्सा विशेषज्ञ से सलाह लेना, एक सही फैसला साबित हो सकता है।  

सन्दर्भ :

भाव प्रकाश – गर्भ प्रकरण

चरक संहिता शरीर अध्याय – 02, 04, 08

सुश्रुत संहिता शरीर अध्याय -10 

सुश्रुत संहिता निदान अध्याय – 08

वाग्भट्ट उत्तर तंत्र अध्याय – 01

FAQ

क्या गर्भावस्था में पीरियड्स होते है?

बिलकुल नहीं, यदि प्रेगनेंसी के दौरान महिला को पीरियड जैसा दर्द होता है, तो वह गर्भस्राव अथवा गर्भपात का लक्षण हो सकता है।  

प्रेगनेंसी के 2 महीने में पेट दर्द क्यों होता है?

जब किसी कारण वश महिला की गर्भावस्था में, असावधानी हो जाने से गर्भस्राव हो जाता है। तब प्रेगनेंसी के दुसरे महीने में पीरियड जैसे लक्षण दिखाई पड़ते है। जिसमे गर्भ के रुकने की आशंका प्रायः नहीं रह जाती। 

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