हरे नारियल से निकलने वाले जल को ही नारियल पानी कहा जाता है। आमतौर पर एक नारियल में अनुमानतः आठ औंस द्रव पाया जाता है। जिसमे अनेको प्रकार के इलेक्ट्रोलाइट, विटामिन, एंटी ऑक्सीडेंट, कार्बोहाइड्रेट और अमीनो एसिड आदि के साथ – साथ शर्करा भी पायी जाती है। जबकि शुगर रोगियों के शरीर में पहले से ही शर्करा का स्तर बढ़ा हुआ होता है। जिससे डायबटीज और प्री डायबटीज रोगियों में संशय बना रहता है कि शुगर में नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं।

हालाकिं इसमें पाए जाने वाले द्रव का लगभग आठवां भाग शर्करा का होता है। जबकि शेष भाग में पौष्टिक खनिज, प्रोटीन, और लवण आदि पाया जाता है। इसलिए मधुमेह रोगियों को यह जानना उतना ही आवश्यक है, जितना कि शुगर में मौसमी का जूस पीना चाहिए या नहीं। क्योकि मौसमी में भी चीनी का कुछ हिस्सा पाया जाता है।
असल में मधुमेह असाध्य रोग है। जिसकी चपेट में दुनिया भर के लाखों लोग आ चुके है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बहुत तेजी यह लोगों को अपना शिकार बनाएगा। ऐसे में इससे बचने के लिए खानपान और रहन – सहन में बदलाव और भी जरूरी हो जाता है। जिससे प्राकृतिक रूप से शुगर के चंगुल से बचा जा सके। इस कारण भी यह जानना महत्वपूर्ण हो जाता है कि शुगर में नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं।
क्या शुगर में नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं

हालाकिं शुगर से प्रभावित होने का सबसे बड़ा कारण इन्सुलिन है। जो हमारा पैंक्रियाज बनाता है। जिसका मुख्य कार्य हमारे भोजन से निर्मित होने वाली शर्करा के स्तर को, हमारे खून में बना कर रख सके। जिसके लिए हमारे शरीर में इन्सुलिन की पर्याप्त मात्रा का स्रावित होना अनिवार्य है। जब तक हमारे शरीर में यह स्थिति बनी रहती है। तब तक हम शुगर से बचे रहते है।
पर बहुत से कारणों से ऐसा नहीं हो पाता। जैसे आयु बढ़ने के साथ – साथ इन्सुलिन स्रावित होने की मात्रा कम होने लगती है। जिसमे दो कारण हो सकते है-
- रोग से ग्रसित होना अथवा
- अधिक मात्रा में हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली खाद्य सामाग्री का सेवन करना।
इस कारण से यह हम सभी पर दोहरा वार करती है। जिसको दूर करने के लिए हमें शरीर गत रोग को दूर करना ही अनिवार्य नहीं, बल्कि परहेज पूर्वक भोज्य सामाग्री का सेवन करना भी है।
वही कई लोगों में जन्म से ही इन्सुलिन की डिफिसिन्सी पायी जाती है। जिसमे आमतौर पर इन्सुलिन स्रावित ही नहीं होता अथवा मात्रा से बहुत कम स्रावित होता है। जिससे हम न चाहते हुए भी शुगर की चपेट में आ ही जाते है। फिर भी यदि खान पान का ध्यान रखा जाय तो बहुत हद तक शुगर से बचा जा सकता है। रह गई बात नारियल पानी की तो यह जानना आवश्यक है कि शुगर में नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं।
शुगर वाले को नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं ( sugar wale ko nariyal pani pina chahie ya nahin

इसमें कोई संदेह नहीं कि अनेको रोगों में नारियल पानी के फायदे है। परन्तु किसी भी वस्तु के स्वाभाविक गुणों को जाने बगैर हम इसके सेवन और परहेज का निर्णय कैसे कर सकते है। खासकर तब जब बात शुगर की हो।
नारियल के गुण
नारियल के पानी में निम्नलिखित गुण स्वाभाविक रूप से पाए जाते है –
- स्वादिष्ट : नारियल पानी का स्वाद हर उम्र के लोगो को पसंद आता है।
- शीतल : नारियल के पानी की तासीर ठंडी होती है। जिससे गर्मी के दिनों में होने वाली तमाम समस्याओं में लाभकारी है।
- ह्रदय के लिए हितकर : ह्रदय से सम्बंधित समस्याओं में बहुत ही गुणकारी है।
- अग्निदीपक : जठराग्नि का दीपन करने वाला होता है। जिससे यह हमारी भूख को बढ़ाता है।
- शुक्रजनक : शुक्र का जनक होने से यह हमें अधिक समय तक युवा बनाये रखता है।
- लघु : पचने में हल्का होता है। जिससे यह आसानी से पचता है।
- अत्यंत बस्तिशोधक : गहराई में जाकर पेट की सफाई करता है।
- प्यास को शांत करने वाला है।
- पित्त को शांत करने वाला होता है
नारियल पानी अपने में जब इतने सारे गुण रखता है। तो भला कौन होगा जो नारियल पानी को नहीं पीना चाहेगा। ख़ास तौर पर गर्मियों के दिनों में नारियल पानी बहुत ही उपयोगी है। पर शुगर वालों को नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं। यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है। इसलिए जो लोग शुगर की चपेट में नहीं आना चाहते उन्हें यह जानना जरूरी है कि शुगर में नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं।
शुगर पेशेंट को नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं
आयुर्वेदानुसार मधुमेह दो प्रकार का होता है –
- वातिक अर्थात धातु का क्षय होने से वायु के कुपित होने पर
- उपेक्षित अर्थात पितादि दोष के कारण मार्ग के अवरुद्ध होने से
यदि किसी भी पदार्थ का सेवन उसमे पाए जाने वाले गुण को परख कर किया जाय तो अत्यंत लाभकारी है। परन्तु शुगर से ग्रस्त लोगों में खान पान के बहुत से निर्देश होते है। जिससे उनके मन यह जानने की ललक बनी रहती है कि शुगर के पेशेंट को नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं।
हालाकिं खानपान का सीधा प्रभाव हमारे शरीर पर होता है। जिसके कारण हमें हमारे शरीर के प्रकृति के अनुकूल भोजन ग्रहण करना चाहिए। फिर चाहे डायबिटीज में नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं की हो या किसी और की।
हरे नारियल में पाए जाने वाले जल का आठवां भाग ( लगभग 30 ग्राम ) शर्करा का होता है। इसके साथ आयुर्वेद में इसे कफ कारक भी माना गया है। जिसके कारण मधुमेह रोगियों के लिए नारियल पानी पीना अच्छा नहीं होता।
निष्कर्ष :
आयुर्वेदानुसार मधुमेह वातिक और उपेक्षित दो प्रकार का होता है। जो मानव शरीर के पैंक्रियाज से स्रावित होने वाले इन्सुलिन पर असर डालता है। जिसके बिना हमारे शरीर में भोजनोपरांत बनने वाली शर्करा हमारे खून में मिल नहीं सकती। ऐसा होने पर हमारे भीतर ऊर्जा की कमी हो जाएगी।
परन्तु ऐसे लोग जो मधुमेह से पीड़ित है या पीड़ित होने की कगार पर है। उनके लिए विशेषज्ञ खानपान से सम्बंधित बहुत सी निषेधाज्ञाए बताते है। जिससे हमारे शरीर में इन्सुलिन की आपूर्ति बाधित न हो। परन्तु शुगर के मरीजों में पहले से ही रक्त शर्करा का स्तर बढ़ा रहता है। जिससे उन्हें नारियल पानी नहीं पीना चाहिए।
उद्धरण :
- भाव प्रकाश निघण्टु – आम्रादिफलवर्ग
- योग रत्नाकर – मेह निदान
- माधव निदान अध्याय – 33
FAQ
शुगर में नारियल पानी पी सकते हैं?
नहीं, शुगर के मरीजों को नारियल पानी से परहेज करना चाहिए।
नारियल पानी पीने से क्या शुगर बढ़ती है?
एक नारियल पानी में लगभग एक औंस तक चीनी पायी जाती है। जिसका सेवन करने से शुगर के बढ़ने की संभावना पाई जाती है।
शुगर में सूखा नारियल खाना चाहिए या नहीं
शुगर में सूखे नारियल का सेवन आसानी से किया जा सकता है।
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