आयुर्वेद के अनुसार दूध में जीवनी शक्ति पाई जाती है। जिसका मूल कारण दूध में प्रोटीन, खनिज लवण और लैक्टिक अम्ल आदि का पाया जाना है। जबकि शहद में सूजनरोधी, जीवाणुरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है। जिससे अनेकों स्वास्थ्य समस्याओं में दूध और शहद का सेवन लाभकारी माना गया है। किन्तु बहुत से लोग दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे और नुकसान से आज भी अपरिचित है।

दूध को आयुर्वेद ने रसायन कहा है। जिससे यह न केवल बालको और वृद्धों को ही नहीं। अपितु युवाओं के लिए भी भी अत्यंत उपयोगी है। क्योकि बाल्यावस्थ में दुग्धपान करने से शरीर की वृद्धि होती है। जबकि युवावस्था और वृद्धावस्था में दोड्ढ का सेवन करने से शुक्र की रक्षा होती है। फिर रात्रि में दुग्धपान करना सभी आयु वर्ग के लिए न केवल पथ्य होता है, बल्कि नेत्रों के लिए हितकर और अनेक रोगों का शमन करने वाला होता है।
जबकि शहद आँखों के हितकर, शीतल, लघु, स्वादिष्ट, अग्निदीपक, स्वर, शरीर के रंग और मेधाशक्ति को उत्तम बनाने वाले गुणों के साथ वाजीकरण, कफ आदि को नियंत्रित करने वाले गुण होते है। फिर भी लोग दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे और नुकसान को जानना आवश्यक है। जैसे मधुमेह रोग में अक्सर लोग मीठा खाने से परहेज करते है। जिसके कारण उनके मन में यह सवाल बना रहता है कि शुगर में शहद खाना चाहिए कि नहीं।
दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे और नुकसान ( thande doodh me shahad ke fayde aur nuksan )
चरक संहिता आदि दार्शनिक ग्रंथों में खानपान का असर, न केवल हमारे शरीर पर अपितु मन पर भी होता है। जिससे आयुर्वेद्गात खाद्य संहिताओं में सामग्री के सेवन की विधि निर्धारित की गई है। फिर चाहे वह विशुद्ध रूप में ली जाय या अनुपान आदि के साथ ली जाय।
जहाँ तक बात है दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे और नुकसान की तो
गर्म दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे

आयुर्वेद में दुग्ध सेवन की मर्यादा बतलाई गई है। जिसकी जानकारी हममे से अधिकांश लोगो को नहीं है। जिससे अधिकतर लोग दूध का सेवन गरम – गरम करना ही पसंद करते है। फिर स्वाद को बढ़ाने के लिए कुछ लोग इसमें मीठा मिलाते है। तो वही कुछ लोग इसको गाढ़ा करके भी पीते है। वो भी गरम – गरम न कि ठंडा।
आमतौर पर हम पीने से लिए गाय और भैस के दूध का ही उपयोग करते है। जबकि आयुर्वेद आदि में अन्य जानवरों के दूध को भी पीने की विधि सुझाई गई है। लेकिन यहाँ सवाल यह उठता है कि गर्म दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे कि नहीं।
सभी आयुर्वेद के महर्षियों ने उष्ण पदार्थों के साथ मधु के सेवन को प्रतिबंधित किया है। जिसका सबसे बड़ा कारण शहद के निर्मिति में मधुमख्खियाँ कभी – कभी जहरीले पुष्पों से भी रसास्वादन करती है। जिसकी परिष्कृति में अक्सर शहद के जहरीले होने की संभावना होती ही है। जिससे गर्म दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे नहीं, बल्कि नुकसान ही नुकसान है।
गर्म दूध में शहद मिलाने के नुकसान
इसमें कोई संदेह नहीं कि दूध और शहद खाने के फायदे है। बशर्ते शहद का इस्तेमाल ठन्डे दूध के साथ किया जाय। आमतौर पर शहद का उपयोग ज्यादातर लोग सर्दियों के समय में करते है। जिसमे अक्सर लोग गर्म खाद्य और पेय को ही पीना पसंद करते है। जिससे अक्सर शहद को लोग गर्म दूध में मिलाकर पीते है।
जोकि पूर्णतः आयुर्वेद विरुद्ध है। ऐसा करने पर हमें लाभ के स्थान पर हानि ही उठानी पड़ती है। फिर चाहे हम इसको जानते हो या न जानते हो। इसलिए हमें दूध और शहद का उपयोग करने से पहले, ठंडे दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे और नुकसान की जानकारी होनी आवश्यक है।
आयुर्वेद में गर्म वस्तुओं और गर्मियों में शहद का सेवन न करने की सलाह दी गई है। जिसके निम्नलिखित दो कारण है –
- शहद का निर्माण जहरीली मख्खियों के द्वारा किया जाना
- शहद बनाने वाली मख्खियों द्वारा जहरीले पुष्पों से रस लेना
इन दोनों प्रक्रियाओं में शहद बनने पर जहर का प्रभाव आना स्वाभाविक है। जिसका उष्ण सेवन करने पर हानिकारक होना भी स्वाभाविक है। इस कारण शहद का उपयोग ठन्डे पदार्थों और मौसम में करना ही गुणकारी है। न कि गर्म मौसम और पदार्थों के साथ।
ठंडे दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे

आमतौर पर ठंडे दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे इस प्रकार है –
बेहतर नींद : ठन्डे दूध में शहद मिलाकर पीने से नींद अच्छी आती है। जिससे सुबह उठने पर पर हम तरोताजा महसूस करते है।
पेट को साफ़ करने में मददगार है : इसके साथ यह हमारे आँतों की भी सफाई करता है। जिससे सुबह पेट अच्छे से साफ़ होता है।
हड्डियों को मजबूत करता है : दूध में कैल्शियम जैसे तत्व पाए जाते है। जो हमारी हड्डियों को मजबूती प्रदान करते है।
ह्रदय को स्वस्थ रखता है : शहद और दूध का सेवन करने से हमारे ह्रदय को आवश्यक तत्वों की आपूर्ति हो जाती है। जिससे हमारा ह्रदय सक्रियता पूर्वक कार्य करता है।
पाचन को बढ़ाता है : दूध और शहद का सेवन करने से हमारी पाचन क्षमता में इजाफा होता है। जिसके कारण हमारे शरीर में स्फूर्ति और उमंग बनी रहती है।
त्वचा को स्वस्थ रखता है : शहद का इस्तेमाल करने से त्वचा में नमी बनी रहती है। जिससे हमारी त्वचा अधिक समय तक चमकदार और मुलायम बनी रहती है। जिससे त्वचा में झुर्रियों के पड़ने की संभावना भी कम हो जाती है।
निष्कर्ष :
आयुर्वेद के अनुसार ठंडे दूध में शहद मिलाकर पीने के फायदे है, न कि गरम दूध में। लेकिन आजकल लोग गर्म दूध में ही शहद का इस्तेमाल करते है। जिससे लोगों को लाभ के स्थान पर हानि ही उठानी पड़ती है। भेड़ का दूध गरम और घोड़ी का दूध उष्ण होता है। इस कारण इनके दूध में भी शहद मिलाकर पीना अच्छा नहीं है।
यह आयुर्वेदीय सिद्धांतो के सर्वथा अनुकूल है। अतएव शहद का उपयोग केवल और केवल ठंडी और शीतल द्रव्यों के साथ ही करना उपकारक है। सुश्रुत संहिता के अनुसार रासायनिक विश्लेषण करने पर गधी का दूध, स्त्री दूध के समान तत्वों वाला होने से आजकल बच्चों को पिलाने के लिए बहुत दिया जाता है। लेकिन यह कितना सही है? इसका पता लगाना अभी भी बाकी है।
उद्धरण :
- चरक संहिता सूत्र स्थानम अध्याय – 27/246
- सुश्रुत संहिता सूत्र स्थानम अध्याय – 45/144
- अष्टांग ह्रदय द्रवद्रव्यविज्ञानीयाध्याय – 5/53
- अष्टांग संग्रह सूत्र स्थानम अध्याय – 06/93
- भावप्रकाशनिघन्टु मधु वर्ग
- भावप्रकाशनिघन्टु दुग्ध वर्ग
- चरक संहिता सूत्र स्थानम अध्याय – 27/217 – 223
- सुश्रुत संहिता सूत्र स्थानम अध्याय – 45/47 – 56
- अष्टांग ह्रदय द्रवद्रव्यविज्ञानीयाध्याय – 5/20 -28
- अष्टांग संग्रह सूत्र स्थानम अध्याय – 06/52 – 64
FAQ
एक गिलास दूध में कितना शहद मिलाकर पीना चाहिए?
एक गिलास दूध में एक से दो चम्मच शहद मिलाकर पिया जा सकता है।
दूध में शहद मिलाकर पीने के क्या फायदे है?
ठन्डे दूध में शहद मिलाकर पीने से इम्युनिटी मजबूत होकर, वजन नियंत्रित रहने जैसे ढेरों फायदे होते है।