सम्पूर्ण संसार जलमय है। हम जीवों का जीवन ही जल पर टिका है। जल के बिना न तो स्वस्थ व्यक्ति का जीवन संभव है और न रुग्ण का। लेकिन तभी तक जब तक यह जल हमारे लिए उपयोगी है। जब तक हम जल का मात्रात्मक उपयोग करते है। इसलिए हमें यह जान लेना और भी आवश्यक हो जाता है कि एक दिन में कितना लीटर पानी पीना चाहिए?

पानी का सेवन दुनिया भर के देशों में किया ही जाता है। फिर चाहे वह खाड़ी के देश हो, पश्चिमी देश हो या हिन्दू राष्ट्र भारत वर्ष ही क्यों न हो? बिना जल के कोई भी जीवित नहीं है। लेकिन जब यही पानी हम अविधि पूर्वक और मात्रा से अधिक उपयोग करने लगते है। तब हम अनेको प्रकार की बीमारियों के चपेट में आने लगते है। जिससे बचने के लिए हमें जानना और समझना आवश्यक है कि कैसे पता करें कि हमारे शरीर में पानी की मात्रा सही है?
हमारे शरीर में पानी की कमी होते ही अनेको प्रकार के संकेत दिखाई पड़ने लगते है। जैसे – मुँह सूखना, अंगों में पीड़ा होना आदि। जिस पर ध्यान न देने से मृत्यु भी हो सकती है। जिससे बचने के लिए लोग प्यास लगने पर तुरंत पानी खोजने लगते है। फिर आजकल तो लगभग – लगभग हर जगह पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जिससे लोग यह जाने बिना ही जल का सेवन करने लगते है कि एक दिन में कितना लीटर पानी पीना चाहिए?
आपको एक दिन में कितना पानी पीना चाहिए? ( How Much Water Should You Drink in a Day? )
आज का समय प्रचार युग का है। जिसमे अब शुगर, जीर्ण कब्ज, आई बी एस जैसी असाध्य बीमारियों को दूर करने के लिए अधिक पानी पीने की सलाह दी जाने लगी है। जिसके प्रभाव में आकर लोग बीमारी भगाने के नाम पर, मात्रा से अधिक जल का सेवन करने लगे है। बिना यह जाने कि दिन भर में कितने लीटर पानी पीना चाहिए?
जिसके परिणाम के रूप में आज रोग दूर होने के बजाय। रोगियों की संख्या में वृद्धि देखने को मिलने लगी है। जोकि अपने आप में एक जान लेवा समस्या बनती जा रही है। इतना ही नहीं अब तो रोग का उपचार करने वाले भी रोगी बन रहे है। जिससे बचने के लिए लोगो को अब पता होना आवश्यक है कि एक स्वस्थ व्यक्ति को कितनी मात्रा में पानी पीना चाहिए।
लेकिन आज के परिवेश में हम सच्चाई से कोशों दूर है। जिससे बहुत प्रयास करने पर भी हम स्वयं को रोगी होने से नहीं बचा सकते। बिना यह जाने कि आनुपातिक रूप से एक दिन में कितना लीटर पानी पीना चाहिए?
1 दिन में कितना पानी पीना चाहिए?

शायद आज इन्ही कारणों से चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधा होने के बावजूद, हमारी आयु दिन ब दिन घटती जा रही है। जबकि आज हम पहले कि तुलना में हर मामले में अधिक सम्पन्न है। फिर रोग हमारा पीछा क्यों नहीं छोड़ रहा? उसका एक कारण कही न कही हमारा खानपान भी जिम्मेदार है। जिसका अनदेखा कर हम बीमार हो रहे है। इस कारण हमारे लिए अब यह जानना आवश्यक है कि एक दिन में कितना लीटर पानी पीना चाहिए?
जबकि शास्त्रों में पानी पीने के सिद्धांत प्रतिपादित किये गए है। जिनके बाद भी चेतावनी दी गई है कि आवश्यक मात्रा से अधिक पानी का सेवन अनुचित है। जबकि आजकल पानी पीने को लेकर जितने भी बाते आती है। सब की सब का कोई ठोस सबूत नहीं है। बस एक कोरी कल्पना के बल पर प्रचार के माध्यम से लोगो को पानी पिलाया जा रहा है। बिना यह जाने कि 1 दिन में कितने लीटर पानी पीना चाहिए?
पिलाया भी क्यों न जाय? आखिर व्यापार जो बढ़ाना है। जिससे आजकल रोगो को मिटाने वाली दवाइयों के सेवन करने पर भी, बीमारिया घटने के बजाय बहुत ही तेजी से बढ़ रही है। कहने का आशय आज के दौर में सामान्य से दिखने वाले एक्यूट डिजीज भी क्रोनिक डिजीज में बदल जा रहे है। और आज की बेहतरीन चिकित्सीय सुविधाए होने के बावजूद हम और हमारे विशेषज्ञ कुछ नहीं कर पा रहे है। कर भी कैसे सकते है? जब तक यह न जान ले कि एक दिन में कितना लीटर पानी पीना चाहिए?
एक व्यक्ति को दिन में कितने लीटर पानी पीना चाहिए?

हर व्यक्ति से शरीर की प्रकृति अलग – अलग ढंग की है। जैसे वात दोष प्रधान व्यक्ति को मध्यम, पित्त दोष प्रधान व्यक्ति को अधिक जबकि कफ दोष प्रधान व्यक्ति को न्यून प्यास लगती है। ऐसे में यह कैसे पता करे कि एक दिन में कितना लीटर पानी पीना चाहिए?
फिर मौसम में बदलाव ( तापांतर ) आदि का प्रभाव भी शरीर पर पड़ता है। जब वातावरण में ताप अधिक होता है। तब हमें ज्यादा प्यास लगती है। लेकिन जब वातावरण में ताप कम होता है। तब कम प्यास लगती है। जिससे हर व्यक्ति के लिए पानी की मात्रा को निर्धारित करने में कठिनाई आती है कि एक दिन में कितना लीटर पानी पीना चाहिए?
इसके साथ सबसे महत्वपूर्ण चीज हमारी परिस्थिति है। जैसे वातानुकूलित कमरे में बैठकर काम करने की अपेक्षा धूप में काम करने वाले व्यक्ति से बहुत अधिक प्यास लगती है। जिससे किसी भी तरीके से यह निश्चित नहीं किया जा सकता कि एक व्यक्ति को दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
लेकिन अक्सर हमारी आदत सभी मौसमों में एक जैसी हो जाती है। जिससे हम अक्सर पानी की अधिक मात्रा का सेवन करने लग जाते है। जबकि सैद्धांतिक रूप से देश, काल और परिस्थिति के अनुरूप ही जल का सेवन करना चाहिए। जिसके लिए हमे यह जानना आवश्यक है कि पानी कब पीना चाहिए?
एक स्वस्थ व्यक्ति की सामान्य अवस्था में, केवल उतने ही पानी का सेवन करना चाहिए। जिससे कम से कम तीन बार में बिना किसी परेशानी के 750 एम एल मूत्र का विसर्जन हो सके। यदि आपको मात्रा और बार ( आवृत्ति ) में अधिक पेशाब आ रहा है, तो आप अधिक मात्रा में पानी का सेवन कर रहे है। फिर चाहे आप रोगी हो या निरोगी। यह नियम आमतौर पर महिला और पुरुष दोनों पर समान रूप से लागू होता है।
निष्कर्ष :
एक दिन में हमें उतना ही पानी पीना चाहिए। जितने से हमारा शरीर हाइड्रेट रहे। कहने का आशय शरीर में पानी की कमी न रहे। परन्तु आजकल लोगों को यह अनुमान लगाने में कठिनाई होती है। केवल और केवल जानकारी न होने के कारण अक्सर लोग मात्रा से अधिक पानी का सेवन कर रहे है। जिससे रोगी होने की कगार पर खड़े लोग बड़ी तेजी से रोगों के चपेट में आ जा रहे है। इसलिए हमे अब जान लेना आवश्यक है कि एक दिन में कितना लीटर पानी पीना चाहिए?
यदि आपको दिनभर में मूत्र आदि में जलन के बगैर 750 एम एल या तीन बार खुलकर पेशाब आ रहा है। तो यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में पानी की कोई कमी नहीं है। आपका शरीर पूरी तरह हाइड्रेटेड है। यदि अब भी आप पानी का सेवन करते है, तो यह पानी की अतिरिक्त मात्रा है। जो आपको निरोगी से रोगी बनाने की ओर ले जाने वाला है।
उद्धरण :
- अष्टांग संग्रह सूत्र अध्याय – 06
- भावप्रकाश निघण्टु दिनचर्यादि प्रकरण
FAQ
स्वस्थ पुरुष को एक दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
हर व्यक्ति के लिए पानी की मात्रा को निर्धारित नहीं किया जा सकता। जिसका मूल कारण हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति, परिस्थिति और मौसम तीनों में विविधता का होना है।
एक दिन में कितना नारियल पानी पीना चाहिए?
नारियल पानी में अनेको प्रकार के इलेक्ट्रोलाइट पाए जाते है। लेकिन फिर भी होता तो पानी ही है। इस कारण नारियल पानी का भी आनुपातिक मात्रा से, अधिक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
एक दिन में कितना नींबू पानी पीना चाहिए?
आमतौर पर नीम्बू के रस को पानी में ही मिलाकर पीया जाता है। जिसके कारण इसका भी केवल और केवल उतना ही उपयोग करना चाहिए। जितने से हमारे शरीर में पानी की उचित मात्रा बनी रहे।
एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
जितना पानी पीने से दिन भर में 750 एम एल पेशाब आये। उतना पानी ही स्वस्थ व्यक्ति को दिन भर में पीना चाहिए।
गर्मी में एक दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
गर्मियों के दिनों में पानी सम मात्रा में पीना चाहिए। न कि अधिक मात्रा में।
एक दिन में कितना गिलास पानी पीना चाहिए?
जितने गिलास पानी पीने से शरीर दिन भर हाइड्रेट रहे। केवल उतना ही पानी एक दिन में पीना चाहिए।
महिलाओं को दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
महिलाओं को दिन में उतना ही पानी पीना चाहिए। जिससे उनका शरीर हाइड्रेट रहे।
पुरुष को एक दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
पुरुष को दिन में उतना ही पानी पीना चाहिए। जिससे उनका शरीर 750 एम एल के लगभग मूत्र उत्सर्जित करे।
12 घंटे में कितना पानी पीना चाहिए?
आयुर्वेद में रात्रि में पानी कम पीने को कहा गया है। जबकि दिन में भी मात्रा से अधिक पानी पीने से मना किया गया है। इसलिए पानी हमेशा आयुर्वेद में बताये गए नियमों के अनुसार ही पीना चाहिए।
1 घंटे में कितना पानी पीना चाहिए?
हर घंटे पानी पीना कोई जरूरी नहीं। यदि प्यास लगती है तो पानी का एक या दो सिप ( बहुत सूक्ष्म मात्रा में ) लिया जा सकता है। लेकिन समस्या अधिक होने पर चिकित्सीय सलाह लेना आवश्यक है।
50 साल की उम्र में कितना पानी पीना चाहिए?
पानी पीने के मामले में सबसे अधिक गलतियाँ अधिक उम्र के लोग करते हैं। विशेष कर वो जो बूढ़े हो चुके है। अक्सर इनसे यह गलती हो जाती है कि थोड़ी प्यास लगने पर भी ये अधिक पानी पी लेते हैं। विशेषकर जब रात में इनकी नींद खुलती है। जिसके कारण इन्हें बार-बार बार पेशाब लगती है और नींद भी पूरी नहीं होती। जबकि पानी केवल शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ही पीना चाहिए। इस कारण इन लोगों को यह जानना आवश्यक हो जाता है कि एक दिन में कितना लीटर पानी पीना चाहिए?
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