आयुर्वेद के अनुसार अधिक मात्रा में विकार युक्त मूत्र का निकलना, प्रमेह कहलाता है। जिसकी उपेक्षा करने पर यह मधु प्रमेह का रूप से लेता है। जिसे हम मधुमेह या शुगर कहते है। जिसमे आमतौर पर हमारे रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ा हुआ होता है। जिसके कारण मधुमेह रोगियों के मन में संशय बना रहता है कि शुगर में मटन खा सकते हैं या नहीं?

नॉनवेज प्रेमियों के लिए मटन बहुत ही बढ़िया भोजन है। लेकिन डायबिटीज रोगियों को मटन का सेवन करने से, शरीरगत दोषों में वृद्धि होने लगती है। ठीक उसी तरह जैसे शुगर में दही का सेवन करने से होने लगती है। अस्तु शुगर से बचाव के लिए यह जानना आवश्यक हो जाता है कि शुगर में दही खाना चाहिए या नहीं।
बकरे के मांस को मटन कहा जाता है। जोकि एक तरह का रेड मीट है। जिसमे अमूमन सुअर का मांस, गाय का मांस ( बीफ ), बकरे और भेड़ आदि का मांस आता है। आमतौर पर रेड मीट चार टांगो वाले जानवरों से ही प्राप्त होता है।
शुगर में मटन खाना चाहिए ( sugar me matan khana chahiye )

शुगर में ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए। जिसमे निम्नलिखित योग्यताए हो। जैसे –
- खाने में पर्याप्त वसा हो
- हाई इंडेक्स वाले फ़ूड ( नेकेड कार्ब ) का सेवन न करे
- वायु का प्रतिलोमक न हो
- खाने में षड रस हो
शुगर में मटन खाने को लेकर बहुत सी बाते सामने आती है। लेकिन वैज्ञानिक रूप से शुगर को रोकने के लिए उपरोक्त बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। लेकिन आमतौर पर मटन में निम्नलिखित बाते ही पाई जाती है –
- मटन में पर्याप्त मात्रा में वसा पाया जाता है। जो शुगर के लिए अच्छा है।
- हालाकिं मटन में कार्बोहाइड्रेट बहुत ही कम या नहीं पाया जाता। जिससे वैज्ञानिक तौर पर नॉनवेज प्रेमियों को शुगर में मटन खाने की मनाही नहीं है।
- किन्तु मटन को बनाने के लिए अत्यधिक मात्रा में तेल और मसाले आदि का प्रयोग होता है। फिर इसको स्वादिष्ट बनाने के लिए खूब भूना भी जाता है। जिससे यह पचने में बहुत भारी हो जाता है। जिससे वायु का प्रतिलोमन होना तय है। जिससे शुगर और भी अधिक बिगड़ सकती है। यानी साध्य से असाध्य की श्रेणी में जा सकती है।
- अमूमन मटन खाने से, हमारे शरीर को षड रसों की प्राप्ति नहीं हो पाती। जिससे इसके पाचन के उपरांत शुगर के बढ़ने की संभावना पाई जाती है।
क्या शुगर में मटन खा सकते हैं या नहीं

इस दृष्टि से शुगर में मटन का सेवन करना अनुचित है। लेकिन जिन लोगों को मटन खाना पसंद है। उनके दिमाग में एक ही सवाल होता है कि शुगर में मटन खा सकते हैं या नहीं?
जबकि वैज्ञानिक और चिकित्सीय दृष्टि से, शुगर में मटन खाना चाहिए या नहीं का विचार करना आवश्यक है। न कि मटन के स्वाद और इसकी पौष्टिकता आदि को लेकर।
फिर सभी आयुर्वेदीय संहिताओं में प्रमेह के निदान के लिए उनकी विधि बतलाई है। जिन – जिन कारणों से प्रमेह उत्पन्न होते है। रोगी को उन – उन कारणों का परित्याग कर देना चाहिए। जिसमे मटन भी आता है। अतः अब स्पष्ट है कि शुगर में मटन नहीं खाना चाहिए।
निष्कर्ष :
आमतौर पर डायबिटीज में नॉनवेज खाने से बचना ही उचित है। लेकिन अक्सर शुगर रोगियों के मन में प्रश्न बना रहता है कि शुगर में मटन खा सकते हैं या नहीं?
आयुर्वेद के अनुसार शुगर रोग में मटन खाना हानिकर है। फिर चाहे वह बकरे, भेड़, सूअर आदि का हो। अथवा गोमांस (वीफ ) या वील ( बहुत छोटी उम्र की गाय अर्थात बछड़ा या बछड़ी ) आदि का ही क्यों न हो?
आयुर्वेद में मटन तो दूर की बात चिकन को भी खाने का कोई निर्देश नहीं है। अतः शुगर से बचाव और उसके उपचार में मटन का सेवन वर्जित है। जिसका अनुपालन करने पर ही हमें शुगर से छुटकारा मिल सकता है।
उद्धरण :
- चरक संहिता चिकित्सा अध्याय – 06
- सुश्रुत संहिता चिकित्सा अध्याय – 11
- अष्टांगहृदयम चिकित्सा अध्याय – 12
- अष्टांगसंग्रह चिकित्सा अध्याय – 14
- भैषज्यरत्नावली चिकित्सा प्रकरण – 37