पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है? | Which is the best water for drinking?

जल ही जीवन है की कहावत तो आप सभी ने सुनी ही होगी। इसमें कोई संदेह नहीं कि जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। लेकिन गुणवत्ता परक जल के अभाव में, हम सभी का स्वस्थ बने रहना कठिन है। इसलिए हम सभी को यह जानना आवश्यक है कि पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है? 

पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है?

असल में सृष्टि कर्ता ने सृष्टि संरचना के क्रम में जल से पृथ्वी का निर्माण किया। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हमारे चारों ओर मौजूद है। अर्थात पृथ्वी को गहराई में खोदने पर, हमें जल की प्राप्ति हो ही जाती है। इसलिए यह माना जा सकता है कि पृथ्वी भू जल के ऊपर तैर रही है। 

इतना ही नहीं पानी में जीवनीय शक्ति है। इसलिए इस पृथ्वी पर जितने भी जीव है। सभी के शरीर में दो तिहाई भाग जल का है। फिर हमारा आपका शरीर भी तो इसी पृथ्वी से बना है। जिसमे लगभग दो तिहाई भाग जल है। इसलिए कहा जाता है कि जल है तो कल है। 

लेकिन आज के औद्योगिक विकास ने हमारे जल संसाधन को दूषित कर दिया है। जिससे न केवल गंगा जल स्तर और यमुना नदी जल स्तर घटा है। बल्कि पानी की गुणवत्ता में भी कमी आयी है। आज अनेक आयामों के माध्यम से हर घर जल की पहुंच हो गई है। लेकिन गुणवत्ता युक्त जल के बिना यह सब अधूरा है। इसलिए हमारे लिए यह जानना आवश्यक हो जाता है कि पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है? 

चिकित्सीय दृष्टि से पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है?

200 टी डी एस वाले पानी की मौजूदगी में ही हमारे शरीर के भीतर के ऊतक स्वस्थ रहते है। किन्तु इन ऊतकों का विकास मुख्यतः पानी पर निर्भर करता है। जिसके लिए हमें पानी को पीने की आवश्यकता पड़ती है। ताकि इन ऊतकों में पानी की कोई कमी न होने पाए। जिसको चिकित्सा की भाषा में निर्जलीकरण कहते है। इसलिए हमें यह पता होना चाहिए कि पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है? 

जबकि पीने के लिए सबसे अच्छा पानी वही है। जिसमे निम्नलिखित विशेषताए हो –

  1. संरचनात्मक युक्त हो है 
  2. जीवाणु और विषाणु रहित हो 
  3. पानी का टी डी एस 200 – 400 पीपीएम हो 
  4. स्वादहीन, गंधहीन और रंगहीन हो
  5. पानी अम्लीय न हो ( पी एच 8 से 9 के बीच हो )

पानी मिलने के स्रोत

आमतौर पर पानी मिलने के निम्लिखित स्रोत है –

नगर पालिका का पानी : यह नगर पालिका के केंद्रीय सयंत्रो द्वारा शोधित कर, घरों को वितरित किया जाता है। जिसमे मुख्य रूप से लोहे की पाइपों का उपयोग होता है। जिसमे जंग आदि या इनके टूटने से जल में संदूषण हो जाता है।  

बोरबेल का पानी : बोर बेल का पानी जमीन की गहराई से निकाला जाता है। जिसमे खनिज अत्यधिक मात्रा में पाए जाते है। जिससे इसका जल भारी हो जाता है। 

टैंकरों द्वारा लाया गया पानी : यह पानी की गुणवत्ता और भण्डारण पर निर्भर करता है। जिससे इसमें पानी के प्रदूषित होने की संभावना बनी रहती है। 

क्या उबाला हुआ पानी पीने के लिए अच्छा है? 

उबाला हुआ पानी पीने के लिए अच्छा है

आमतौर पर पानी में अनेको तरह की अशुद्धियाँ पाई जाती है। जिसमे मुख्य रूप से बहुत से खनिज, रसायन आदि है। जिसको उबालें तो भी ये पानी में बने रहते है। फिर सवाल यह उठता है कि पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है?

सामान्यतः पानी को उबालने से जीवाणु और विषाणु तो मर जाते है। जिससे बारिस आदि के समय पानी को इन जीवाणुओ और विषाणुओ से किया जा सकता है। परन्तु पानी को पीने लायक नहीं माना जा सकता। हालांकि मौसमी बुखार आदि में इस पानी को पीने के फायदे है। 

लेकिन हम पानी को कितना भी उबाले, उसमे से भारी धातुए, पानी में घुले लवण और हानिकारक रसायन नहीं निकलते। किन्तु जब हम पानी को उबालते है, तो उस पानी में सफ़ेद रंग का पाउडर जैसा पदार्थ बर्तन की तली में जाकर बैठ जाता है। जिसको लोग यह मान लेते है कि अब पानी पीने लायक है।  

जबकि वैज्ञानिक रूप से अभी भी यह पानी हम मनुष्यों के पीने लायक नहीं है। क्योकि इसमें अभी भी अवांछित पदार्थ अधिक मात्रा में घुले हुए है। इसलिए अभी भी यह जानना आवश्यक है कि पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है?

क्या आर ओ का पानी पीने के लिए अच्छा है?

आर ओ का पानी पीने के लिए अच्छा है?

आमतौर पर आर ओ का पानी, पानी में घुलनशील खनिजों को छानकर अलग कर देता है। जिससे पानी का टी डी एस आसानी से नियंत्रण में आ जाता है। फिर इसमें बहुत बारीक जाली वाला फिलटर लगाया जाता है। जो अमूमन 0.0001 माइक्रोन पतली होती है। जिससे यह खनिजों के साथ – साथ धूल – मिट्टी के कणों को भी बाहर निकाल देती है।   

फिर इसके साथ इसमें यु वी (UV), यु एफ (UF) जैसी तकनीक होती है। जो पानी को पूरी तरह से जीवाणु और विषाणु मुक्त बना देती है। तो सवाल यह उठता है कि क्या अब यह पानी पीने लायक हो गया है। नहीं, इसलिए अभी यह जानना रह गया है कि आखिर पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है?

आमतौर पर वाटर फिल्ट्रर प्लास्टिक के बने होते है। जिसमे पानी को शुद्ध करने के लिए दाब डाला जाता है। जिससे प्लास्टिक के नैनो फाइबर इस पानी में घुलकर पानी की संरचना को तोड़ देते है। जिससे पानी असंरचनात्मक और अम्लीय हो जाता है। जिससे यह पानी साफ़ होने पर भी पीने लायक नहीं रह जाता। फिर सवाल उठता है कि पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है? 

आखिर पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है?

पानी की अम्लता और उसकी सरचना को सहेजना हमारे लिए आवश्यक है। जिसके बिना पानी कितना भी साफ किया गया हो। वह हम मनुष्यों के पीने लायक नहीं है। इस लिए जब तक पानी की इस कमी को दूर नहीं कर दिया जाता। तब तक यह सवाल बना रहता है कि पीने के लिए सबसे अच्छा पानी कौन सा है?

पानी की इस पानी को दूर करने के लिए सबसे उपयुक्त धातु ताँबा है। जो पानी के अणुओं की अशुद्धि को हटाता है। क्योकि ताम्बे का परमाणु क्रमांक 29 है। जिसका इलेक्ट्रानिक विन्यास करने पर, इसकी अंतिम कक्षा के डी कोष में 10 इलेक्ट्रान और एस कोष में केवल एक इलेक्ट्रान रह जाता है।

जबकि स्थाईत्व के लिए एस कोष में दो इलेक्ट्रानों की आवश्यकता होती है। जिसके लिए यह अपने ऊपर डी कोष से इलेक्ट्रान की मांग करता है। जिससे डी और एस कोष के इलेक्ट्रानों के बीच कम्पन्न होने लगता है। 

जब यह ताँबा पानी में डाला जाता है। तब जल के जो कण इन कम्पन्नों के बीच आते है। तो उसमे घुलनशील अशुद्धि बाहर निकल जाती है। जिससे पानी की बिगड़ी हुई संरचना पुनः बन जाती है। और जल की अशुद्धि बर्तन की तली में जाकर बैठ जाती है। 

जिससे इस पानी की असंरचनात्मकता और अम्लीयता दोनों नष्ट हो जाती है। जिससे यह पानी अब हम मनुष्यों के पीने के अनुकूल हो जाता है।   

निष्कर्ष :

आयुर्वेद में हम मनुष्यों को स्वस्थ रहने के लिए पानी की गुणवत्ता बतलाई गई है। जिसमे आमतौर पर निम्नलिखित बिंदु आते है –

  1. संरचनात्मक युक्त हो है 
  2. जीवाणु और विषाणु रहित हो 
  3. पानी का टी डी एस 200 – 400 पीपीएम हो 
  4. स्वादहीन, गंधहीन और रंगहीन हो
  5. पानी अम्लीय न हो ( पी एच 8 से 9 के बीच हो )

आमतौर पर साफ पानी जिसका टीडीएस 450 – 500 के बीच है। उस पानी को मिटी या कांच के बर्तन में भरकर, एक ताम्बे का लंबा टुकड़ा 7 -8 घंटे पानी में डालर छोड़ दे। इसके साथ इसमें सहजन के बीच को भी कुचलकर डाला जा सकता है।  ऐसा करने से यह पानी ऊपर बताये गए गुणों वाला हो जाता है। जिसको हम पीने के लिए उपयोग कर सकते है। 

लेकिन जिस पानी का टीडीएस 500 से अधिक है। उसके लिए थ्री पॉट मेथर्ड या आर ओ मशीन लगाना आवश्यक हो जाता है। लेकिन इसके बाद पानी को मिटी या कांच के बर्तन में भरकर, एक ताम्बे का लंबा टुकड़ा 7 -8 घंटे पानी में डालर छोड़ना आवश्यक है। तब जाकर यह पानी पीने लायक बनता है। 

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