शरीर को मिलने वाले होली के फायदे

बसंत ऋतु आते ही फागुनी बयार बहने लगती है। जिसमे हमें न केवल ठण्ड से निजात मिलती है। बल्कि मौसम भी सुहाना हो जाता है। मौसम बदलने से शरीर को कुछ विशेष पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। जो बसंत उत्सव ( basant utsav ) यानी होली के खानपान से पूरी हो जाती है। इसके … Read more

उत्तर प्रदेश में होली कैसे मनाई जाती है?

उत्तर प्रदेश भौगोलिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक तीनो दृष्टियों से संपन्न भूमि है। इस कारण उत्तर प्रदेश में मनाया जाने वाला हर त्यौहार, स्वास्थ्य वर्धक होने के साथ शास्त्र सम्मत भी है। जिसके कारण यहाँ होली बहुत खास होती है। क्योकि चेहरों के साथ दिलों को रंगने का त्यौहार है होली। तो आइये जानते है कि … Read more

लैट्रिन में खून आना कैसे बंद करें : how to stop blood in stool in hindi

अगर आपको मलत्याग के समय मल में खून आता है। जो आपकी टॉयलेट सीट और टॉयलेट पेपर पर भी दिखाई पड़ता है। जिसको देखकर आप चिंतित हो जाते है, तो आपका चिंता करना लाजिमी है। क्योकि यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, लेकिन हर बार नहीं।  क्योकि बवासीर के लक्षण में दर्द … Read more

चेहरों के साथ दिलों को रंगने का त्यौहार है होली

बसंत ऋतु का आगमन होते ही प्रकृति में बसन्ती खुमार चढ़ने लगता है। जिसका प्रतिफलन प्रकृति में होने वाले नव परिवर्तनों के रूप में हमें दिखाई पड़ता है। जिसमे सूर्य के आगे ठण्ड घुटने टेक देती है, और मौसम का गुलाबी रंग, हमारी जश्न और जुबान पर चढ़ने लगता है। जिसका शबाब होली के हुड़दंग … Read more

ओवुलेशन के कितने दिन बाद इम्प्लांटेशन होता है : How many days after ovulation does implantation occur in hindi

ओवुलेशन का समय महिलाओं के लिए, गर्भ धारण करने का सबसे अच्छा समय होता है। जिसके लिए उन्हें ओवुलेशन के लक्षण को पहचानना आवश्यक है। लेकिन बिना गर्भारोपण ( इम्प्लांटेशन ) के महिला का गर्भ नहीं ठहरता। जोकि ओवुलेशन और निषेचन के बाद होता है। जिसके दौरान उन्हें अपने खानपान आदि में सावधानी रखनी होती … Read more

ओवुलेशन के बाद क्या खाना चाहिए और क्या नहीं : what to eat after ovulation and what to not in hindi

ओवुलेशन का समय महिला के गर्भ धारण का सबसे स्वर्णिम समय होता है। फिर भी यह महिला के गर्भ जनन का पहला चरण होता है। किंतु महिला में गर्भ तब रुकता है। जब महिला के ओवुलेशन में निकलने वाले अंडे का फर्टीलाइजेशन होता है। जो केवल तभी संभव है, जब महिला और पुरुष दोनों इस … Read more

ओवुलेशन के बाद क्या नहीं करना चाहिए और क्या करना चाहिए

महिला को गर्भधारण करने के लिए, सबसे उपयुक्त समय ओवुलेशन का होता है। जिसके दौरान शारीरिक सम्बन्ध बनने से ओवुलेशन में निकले, अण्डों के फर्टीलाइज्ड होने की संभावना अधिक होती है। खैर फर्टीलाइजेशन ओवुलेशन के बाद ही होता है। लेकिन अधिकतर महिलाए यह नहीं जानती कि फर्टिलाइजेशन ओवुलेशन के कितने दिन बाद होता है? महिला … Read more

फर्टिलाइजेशन ओवुलेशन के कितने दिन बाद होता है : fertilization ovulation ke kitne din baad hota hai

महिलाओ में होने वाले फर्टीलाइजेशन को ही, महिला का गर्भ धारण करना कहा जाता है। जो ओवुलेशन के बाद की प्रक्रिया है। जिसकी सफलता महिला में होने वाले ओवुलेशन के लक्षण पर टिकी होती है। जिसके लिए महिला और पुरुष को ओवुलेशन के दौरान यौन सम्बन्ध बनाना होता है। परन्तु सब कुछ होने के बाद … Read more

ओवुलेशन : ovulation in hindi

महिलाओ को गर्भवती होने के लिए ओवुलेशन पीरियड के आस – पास, संबंध बनाना फलदायी होता है। परन्तु  ज्यादातर महिलाए अपने ओवुलेशन के समय को नहीं पहचान पाती। जिसकी सबसे बड़ी वजह मासिक चक्र के दौरान होने वाले रक्तस्राव से माहवारी का पता तो चल जाता है। लेकिन ओवुलेशन का पता नहीं चल पाता। किसके … Read more

मल्टीविटामिन टेबलेट्स और कैप्सूल खाने के बजाय मौसमी फल और सब्जियाँ खाने के फायदे

मल्टीविटामिन टेबलेट्स का निर्माण रसायनीकरण कर बनाया जाता है। जिसमे आमतौर पर जल और वसा में घुलनशील विटामिन होती है। शरीर में रक्त के निर्माण आदि में मल्टीविटामिन के फायदे है। इस कारण इनको सतत लेते रहना हमारी मजबूरी है। ठीक वैसे ही जैसे प्रतिदिन एक जैसा खाना खाना खाने से बीमार हो सकते है।  … Read more