फिशर के लिए क्रीम : best cream for anal fissure in hindi

फिशर गुद रक्तवाहिनियों में होने वाला बहुत ही कष्टकारी रोग है। जिसमे गुदा में फ़ैली रक्त शिराए कुपित होकर फूल जाया करती है। जिससे गुदा में दरार बनने लगती है। जिसे फिशर अथवा गुदा विदर के नाम से जाना जाता है। जिसमे फिशर के लिए क्रीम बहुत ही उपयोगी है। फिशर में लगाने वाली क्रीम की तरह ही, जात्यादि तेल फिशर में लगाने से बहुत लाभ करता है। 

फिशर के लिए क्रीम 

आधुनिक चिकित्साविदो के अनुसार, गुदा फिशर एक प्रकार का संक्रमण है। जो गुद शिराओ में संक्रमित रक्त के जमने से होता है। जब इसमें संक्रमण बढ़ जाता है। तब यह शिराए फूलने लगती है। जिससे मलद्वार में सूजन और दर्द की समस्या खड़ी हो जाती है। जिस पर ध्यान न देने से, यह समस्या गुदा विदर के रूप में परिवर्तित हो जाती है।

गुद नलिका में लम्बाई की और फैली, गुदा शिराओ के फटने से गुदा विदर ( फिशर ) नामक रोग होता है। जिसमे फिशर का आयुर्वेदिक इलाज अत्यंत कारगार है। जिसको अपनाते ही फिशर में होने वाली, तकलीफो में कमी आने लगती है। परन्तु बाहरी उपचार के बिना, गुदा के विदर का घाव सूखने में समय अधिक लगता है। इसलिए अनल फिशर के लिए ऑइंटमेंट ( ointment for anal fissure ) एक अच्छा विकल्प है।  

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अनल फिशर ऑइंटमेंट ( anal fissure ointment in hindi )

हालाकिं गुदा रोगो के उपचार में घरेलू उपाय, बहुत ही अच्छे परिणाम देते है। जिसके कारण गुदा फिशर के उपचार में फिशर का घरेलू नुस्खा अपनाया जाता है। जोकि एक प्रकार का आयुर्वेदिक उपाय ही है। जिसके कारण यह देहगत दोषो का निवारण करता है। जिससे फिशर रोग के कारण का ही नाश हो जाता है। जिसके कारण फिशर में गुदास्राव की समस्या में राहत मिलती है।    

फिशर के बाहरी दरारों में आये घाव को भरने के लिए, फिशर की क्रीम ( cream for fissure ) प्रयोग की जाती है। जो गुदा के बाहरी संक्रमण से बचाव करने के साथ, इसमें आये घाव को भी भर्ती है। जिससे इसे और उभरने का अवसर नहीं मिलता। जिससे गुदा का यह घाव धीरे – धीरे सूखने लगता है। 

गुदा विदर में काम आने वाले, बेस्ट ऑइंटमेंट फॉर फिशर ( best ointment for fissure ) इस प्रकार है। जिनके द्वारा फिशर का उपचार किया जाता है। जिन्हे अनल फिशर की क्रीम ( cream for anal fissure ) भी कहा जाता है। 

फिशर के इलाज की क्रीम ( cream for fissure treatment in hindi )

गुदा की गुदवलियो में आयी हुई सूजन को त्वरित रूप से, मिटाने के लिए फिशर की क्रीम का उपयोग किया जाता है। जो गुदा में होने वाले घाव को बाहरी रूप से भरने में मदद करता है। जिससे गुदा में रगड़ आदि लगने पर, होने वाले दर्द में कमी आती है। जिसमे निम्न फिशर के लिए ऑइंटमेंट ( ointment for fissure ) कारगार है –

फिशर के लिए स्मूथ क्रीम ( smuth cream for fissure in hindi )

smuth cream for fissure
Image from Kauvery meds

यह कई दवाओं के कॉम्बिनेशन से बनी हुई दवा है। जो गुदा रोगो के उपचार में प्रयोग की जाती है। यह फिशर रोग में होने वाले दर्द, खुजली, जलन जैसी समस्याओ को मिटाने में सहयोगी है। जिसके कारण इसे अनल फिशर की बेस्ट क्रीम ( best cream for anal fissure ) कहा जाता है।  

फिशर के लिए स्मूथ क्रीम का उपयोग ( smuth cream for fissure uses in hindi )

गुदा रोगो में स्मूथ क्रीम के निम्नलिखित उपयोग है –

  • यह गुदा रोगो में खून के प्रवाह को नियंत्रित करती है।
  • गुद शिराओ को फटने से बचाती है।
  • फिशर में होने वाले घाव को ठीक करती है।
  • यह गुदास्राव में बहुत ही लाभदायक है।
  • गुदा की जलन को दूर करती है। 
  • मलद्वार की खुजली को मिटाती है।
  • गुदा विदर के दर्द को कम करती है, आदि। 

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फिशर के लिए एनोवेट क्रीम ( anovate cream for fissure in hindi )

यह गुदा रोगो में काम आने वाली बहुत ही बढ़िया क्रीम है। यह गुदा रोगो की तमाम तकलीफो को मिटाने में काम में लाई जाती है। इसके प्रयोग से गुदा फिशर के रक्तस्राव आदि में बहुत फायदा होता है। यह बेक्लोमेथासोन, फिनाइलफ्राइन और लिडोकेन को मिलाकर बनाई गई है। जो गुदा दरारों के उपचार में कारगर है। जिसके कारण इसे एनल फिशर उपचार की क्रीम ( anal fissure treatment cream ) कहा जाता है। 

फिशर के लिए एनोवेट क्रीम का उपयोग ( anovate cream uses for fissure in hindi )

गुदा विदर की समस्या में इसके निम्नलिखित फायदे है –

  • यह फिशर रोग में आये सूजन और खुजली को दूर करता है।
  • यह फिशर के दर्द और सूजन को मिटाता है।
  • फिशर में होने वाली खुजली को असरकारी ढंग से मिटाती है।
  • गुदा से होने वाले रक्तस्राव को कम करता है।
  • गुदा की दरारों के घाव को भरता है।
  • यह गुदा की रक्तवाहिनियों के दवाव को कम करता है, आदि। 

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फिशर के लिए नाइट्रोग्लिसरीन मलहम ( nitroglycerin ointment for fissure in hindi )

nitroglycerin ointment for fissure
Image from MBA Pharmasutical

ऐनल फिशर के उपचार में प्रयोग होने वाला मलहम है। जिसका प्रयोग आमतौर पर गुदा की समस्याओ को दूर करने में किया जाता है। यह जीर्ण और मध्यम दोनों तरह के फिशर में उपयोग होता है। जिससे निम्नलिखित फायदे मिलते है –

  • फिशर में होने वाले दर्द में लाभदायक है।
  • गुदा के आस पास होने वाली चुभन और जलन को मिटाता है।
  • गुदा से निकलने वाले स्राव को कम करने में मददगार है।
  • गुदा से खून जाने की समस्या में कारगार है।
  • फिशर में आयी दरारों को कम करने में लाभदायक है। 

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फिशर के लिए जात्यादि तेल ( jatyadi oil for fissure in hindi )

jatyadi oil for fissure
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यह संक्रमण को मिटाने वाला आयुर्वेदिक तेल है। जो गुदा रोगो की तकलीफो के साथ, अन्य बहुत से उपायों में काम आता है। आमतौर पर यह सभी स्थानों की सभी तरह के फिशर में उपयोगी है। इसका ज्यादातर इस्तेमाल बाह्य रोगो के उपचार में ही किया जाता है। यह सभी प्रकार के फोड़े, फुंसी आदि में भी बढ़िया काम करता है। 

जात्यादि तेल फिसर की तरह, बवासीर में भी अत्यंत कारगार है। जिसको नियमित रूप से लगाते रहने पर, भीषण से भीषण गुदा रोगो से राहत मिलती है। जिसके कारण इसे फिसर की बेस्ट क्रीम ( best cream for fissure ) की तरह उपयोगी माना गया है।

फिशर रोग में जात्यादि तेल के उपयोग ( uses of jatyadi oil for fissure )

बवासीर की भाँती फिशर रोग में, जात्यादि तेल से निम्नलिखित फायदे है –

  • यह गुदा पर होने वाले संक्रमण को रोकता है।
  • गुदा पर बनने वाले घाव को मिटाने में मदद करता है।
  • गुदा की शिराओ पर खून जमने की क्रिया को शिथिल करता है।
  • गुदा से खून रिसने की समस्या को कम करता है।
  • गुदा में होने वाले दर्द, जलन और खुजली को मिटाता है, आदि।   

फिशर में जात्यादि तेल कैसे लगाए ( how to use jatyadi oil for fissure )

गुदा को गुनगुने पानी से साफ़ कर, सूती कपडे से सुखाकर। जात्यादि तेल का प्रयोग उगली से किया जाता है। पर ध्यान यह रखना चाहिए कि दिन में तीन से चार बार इसका प्रयोग करे। लेकिन जब भी तेल लगाए गुदा को साफ़ करने के बाद ही लगाए। 

फिशर के लिए जात्यादि तेल की समीक्षा ( jatyadi oil for fissure reviews )

गुदा रोगो में जात्यादि तेल बहुत ही उपयोगी है। जिसके कारण इसको 5 में से 4 से अधिक रेटिंग दी गई है। BUY NOW

फिशर के लिए जात्यादि घृत ( jatyadi ghrita for fissure in hindi )

jatyadi ghrita for fissure
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जात्यादि घृत का निर्माण लगभग 17 आयुर्वेदिक औषधियों को मिलाकर किया गया है। जिसके कारण इन औषधियों में पाए जाने वाले गन इसमें पाए जाते है। जबकि शुद्ध घी स्वयं ही घाव को भरने वाला है। जिसके कारण यह फिशर रोगो में बहुत ही लाभदायक है। जिसका सेवन केवल वाह्य प्रयोग के लिए ही होता है। यह जात्यादि तेल के सामान ही गुण धर्म रखता है। इस कारण इसका प्रयोग भी जात्यादि तेल की तरह ही किया जाता है। यह फिशर की सबसे अच्छी क्रीम ( best cream for anal fissure ) से भी अधिक उपयोगी माना जाता है। 

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फिशर के लिए नारियल तेल ( coconut oil for fissure in hindi )

नारियल तेल अनेक पोषक तत्वों का खजाना है। जिसमे एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी फंगल और घाव को भरने वाले गुण पाए जाते है। जिसके कारण नारियल तेल को फिशर के मलहम क्रीम ( fissure ointment cream ) की तरह प्रयोग किया जाता है। इसमें भी जात्यादि तेल में पाए जाने वाले सभी गुण पाए जाते है।

गुदा रोगो में मिलने वाले फायदे जात्यादि तेल से मेल खाते है। जिसके कारण गुदा रोगो में नारियल तेल के निम्नलिखित है –

  • नारियल तेल ठंडा होता है। जिसके कारण गुदा रोगो में होने वाले जलन को कम करता है।
  • यह संक्रमण रोधी होने के कारण, फिशर की खुजली को मिटाता है।
  • यह घाव भरने के गुण रखता है। जिससे गुदा विदर में बने घाव को भरता है। 
  • फिशर में आने वाली सूजन को मिटाता है। 
  • गुदा फिशर के रक्तस्राव को कम करता है।
  • मल त्याग के समय होने वाली परेशानी में आराम दिलाता है, आदि। 

फिशर में नारियल तेल कैसे लगाए ( how to apply coconut oil to fissure )

गुदा द्वार को गुनगुने पानी में, थोड़ा सा नमक मिलाकर अच्छे से साफ कर ले। इसके बाद साफ सुथरा सूती कपड़ा लेकर गुदा पर थपथपाकर गुदाद्वार को सूखा ले। इसके बाद साथ उगली पर नारियल तेल लेकर गुदा और इसके आसपास लगा दे। इसके बाद कुछ समय तक लेते रहे। अथवा तेल को पूछने से बचाये। 

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उपसंहार :

गुदा में सूजन आने से शिराओ के फटने से गुदाद्वार पर दरारे बन जाती है। जिसको गुदा विदर या फिशर के नाम से जाना जाता है। जिसके उपचार में फिशर के लिए क्रीम और मलहम आदि का प्रयोग होता है। जबकि अनेको आयुर्वेदिक औषधियों से मिलकर बना, जात्यादि तेल फिशर में बहुत ही फायदेमंद है।

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