डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिए? | diabetes ke marij ko kitna pani pina chahie?

हम प्राणियों के शरीर का अधिकांश भाग पानी है। मगर डायबिटीज में पानी का अहम योगदान है। जिस पर आम लोग ध्यान नहीं देते। जिससे मधुमेह दिन ब दिन जीर्ण होती जाती है। इसलिए यह समझना आवश्यक हो जाता है कि डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिए?

डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिए?

डायबिटीज हमें होता ही तब है। जब हमारे शरीर के रक्त में शर्करा ( ग्लूकोज ) का स्तर बढ़ जाता है। जिसके कारण हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिसको नियंत्रित करने के लिए आमतौर पर पानी की आवश्यकता पड़ती है। किन्तु यह मौसम, स्वास्थ्य स्थिति, आयु और हमारी गतिविधि के आधार पर भिन्न हो सकती है। इसलिए हमें जानना चाहिए कि पानी कब पीना चाहिए और कब नहीं। 

शुगर में पानी की आवश्यकता आमतौर पर अधिक होती है। जिसका एकमात्र कारण है, रक्त में शर्करा के स्तर का बढ़ना। फिर चाहे वह किसी भी कारण से क्यों न हो? हालाकिं स्वस्थ दशा में भी प्रचुर मात्रा में पानी पीना लाभकारी है। लेकिन अधिक मात्रा में पानी पीना हानिकारक है। इसलिए मधुमेह रोगियों को जानना चाहिए कि डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिए?

शुगर के मरीज को पानी कितना पीना चाहिए? 

शुगर के मरीज को पानी कितना पीना चाहिए?

आमतौर पर यह कहा जाता है कि मधुमेह में पानी पीना लाभदायक है। परन्तु सैद्धांतिक रूप से मधुमेह होने का एक कारण अधिक पानी पीना भी है। फिर एक साथ दोनों बाते कैसे सही हो सकती है? ऐसे में यह समझना और भी कठिन हो जाता है कि डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिए?

आज अक्सर हमारे चारों ओर एक ही शोर है। अधिक पानी पिओ, शुगर भगानी हो तो अधिक पानी पिओ, पेट साफ़ करना हो तो अधिक पानी पिओ, कब्ज दूर करना हो तो अधिक पानी पिओ आदि। आजकल स्वस्थ रहने के लिए अधिक पानी पीने का चलन है। यह अलग बात है कि इस तरह के चलन कहाँ से आये, कैसे आए? कुछ नहीं पता। बस आँख बंद करके पानी पीते रहो और बीमारियों को बुलाते रहो। 

आजकल के आधुनिक जानकारों का मानना है कि शुगर में रक्त शर्करा का स्तर बढ़ने पर, अधिक मात्रा में पानी पीने से किडनी अतिरक्त शर्करा को शरीर से बाहर निकाल देती है। माना कि किडनी ऐसा करती है, तो क्या किडनी पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता? अवश्य पड़ता है। इस कारण हमें यह जानने में ही भलाई है कि शुगर के मरीज को पानी कितना पीना चाहिए?

दिन भर में डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिए? 

दिन भर में डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिए?

आयुर्वेद में भूख और प्यास को स्वाभाविक रोग बताया है। जिसकी निवृत्ति जीवन पर्यन्त नहीं हो सकती। ऐसा प्रायोगिक धरातल पर होता भी है। इसलिए हर दिन हमें भूख और प्यास सताते है। किन्तु स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी यह उपयुक्त मात्रा में ही यह गुणकारी है, न कि अनुपयुक्त मात्रा में। फिर डायबटीज आदि में तो यह और भी सावधानी पूर्वक सेवनीय है। इसलिए हम सबको जानना आवश्यक है कि 1 दिन में डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिए?

इसमें कोई दो राय नहीं कि अतिरिक्त मात्रा में पानी पीने से, शरीर में अतिरिक्त शर्करा बाहर निकल जाती है। लेकिन समस्या तब आती है। जब ऐसा हर दिन बार – बार वर्ष प्रति वर्ष होने से, हमारी किडनियों की कार्य प्रणाली पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जिससे शुगर बढ़ने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। इसलिए समझना जरूरी है कि डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिए?

आयुर्वेदीय चिकित्सानुसार शुगर को नियंत्रण में रखने के लिए, खाद्य निषेधाज्ञाओं का शक्ति से अनुपालन करना अत्यंत आवश्यक है। जिससे शरीर में अतिरिक्त शर्करा न जाने पाए। फिर रह गई बात पानी की तो पानी केवल शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ही पीना चाहिए। जिसके दो मानक बतलाये गए है –

  1. बिना किसी परेशानी ( पेशाब में जलन आदि के बगैर ) के, शरीर 750 मिली के लगभग पेशाब उत्सर्जित कर रहा हो।
  2. पेशाब का रंग हल्का पीला हो न कि सफ़ेद या पानी जैसा हो।  

निष्कर्ष :

उचित मात्रा में पानी पीना अच्छी बात है। लेकिन अधिक मात्रा में पानी पीना अच्छी बात नहीं। किन्तु मधुमेहियों की रक्त शर्करा का स्तर स्वाभाविक रूप से बढ़ा हुआ होता है। जिसके कारण मधु प्रमेह से पीड़ित लोगों को प्यास अधिक लगती है। जिसको शांत करने के लिए इन्हे पानी पीना ही पड़ता है। इसलिए अक्सर लोगों के मन में सवाल बना ही रहता है कि डायबिटीज के मरीज को कितना पानी पीना चाहिए?

मधुमेही या मधु प्रमेही को एक दिन में केवल उतने ही जल का सेवन करना चाहिए। जितनी कि उसके शरीर को पानी की आवश्यकता हो। अर्थात शरीर हाइड्रेट बना रहे। जिसका परीक्षण हम अपने पेशाब के रंग और पेशाब की मात्रा के आधार पर आसानी से कर सकते हैं। फिर चाहे वह कोई भी देश, काल या परिस्थिति हो।

यदि डायबिटीज रोगी के पेशाब का रंग पेल यलो ( हल्का पीला ) और पेशाब 750 एमएल के आसपास बिना किसी परेशानी के निकल रहा हो। तो डायबिटीज रोगी का शरीर पूरी तरह से हाइड्रेटेड है। अब इसे और पानी की आवश्यकता नहीं है। यदि मधुमेह से ग्रसित रोगी अधिक पानी पीता है, तो शुगर के बढ़ने की गुंजाइश बनी रहती है। इसलिए डायबिटीज के रोगी को अधिक पानी पीने से सदैव बचना चाहिए।

उद्धरण :

  • चरक संहिता चिकित्सा अध्याय – 06
  • सुश्रुत संहिता चिकित्सा अध्याय – 11
  • अष्टांगहृदयम चिकित्सा अध्याय  – 06
  • अष्टांगसंग्रह चिकित्सा अध्याय – 14
  • अष्टांगसंग्रह सूत्र अध्याय – 06
  • भैषज्यरत्नावली चिकित्सा प्रकरण – 37

FAQ

शुगर पेशेंट को 1 दिन में कितना लीटर पानी पीना चाहिए?

हर शुगर रोगी के लिए पानी की आवश्यकता अलग-अलग हो सकती है। जिसका किसी भी तरह से निर्धारण नहीं किया जा सकता। इसलिए हर शुगर पेशेंट को 1 दिन में उतने जल का अवश्य सेवन करना चाहिए। जिससे कि उसका शरीर हाइड्रेटेट रहे।

शुगर में नींबू पानी पी सकते हैं?

शुगर में नींबू पानी पीने के फायदे है। लेकिन पानी आनुपातिक रूप से उचित मात्रा में हो।

डायबिटीज में कितना पानी पीना चाहिए?

डायबिटीज में उतना ही पानी पीना चाहिए। जितने से दिन भर में बिना किसी परेशानी के 750 मिली के लगभग हल्के पीले रंग की पेशाब आ जाए।

डायबिटीज में नारियल पानी पीना चाहिए?

आमतौर पर लोग शुगर में नारियल पानी पीने को अच्छा मानते है। लेकिन नारियल में स्वाभाविक रूप से शर्करा पाई जाती है। जिसके कारण मधुमेह में नारियल पानी पीना सैद्धांतिक रूप से उपयुक्त नहीं है।

डायबिटीज में नारियल पानी पी सकते हैं?

नहीं।

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