गुड़ खाने के फायदे और नुकसान : gud khane ke fayde aur nuksan

भारतीय खान – पान में सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला रस मीठा है। जिसके लिए हम भारतवासी अनादि काल से गुड़ का सेवन करते आ रहे है। लेकिन अब ज्यादातर लोग चीनी का इस्तेमाल करने लगे है। परन्तु यह बात अब किसी से छिपी नहीं कि चीनी की अपेक्षा गुड़ खाने के फायदे अधिक है। 

गुड़ खाने के फायदे

आमतौर पर भारत में दो प्रकार के गुड़ बनाये जाते है। उत्तर भारत में गन्ने के रस से गुड़ बनाया जाता है। तो दक्षिण भारत में ताड़ के रस से गुड़ बनता है। जिसका सेवन स्वास्थ्य की दृष्टि से अति उत्तम है। हालाकिं दोनों गुड़ के अपने – अपने फायदे है। लेकिन ग्लाइसेमिक इंडेक्स के आधार पर गन्ने से ताड गुड़ के फायदे अधिक है। जिसके कारण आजकल लोग गुड़ को चीनी का विकल्प मानने लगे है। 

आयुर्वेद के अनुसार अनुपान भेद से गुड़ वात, पित्त और कफ दोषो का नाश करता है। जिसके कारण दोषों को दूर करने वाली औषधियों में, गुड़ को सर्वोत्तम स्थान प्राप्त है। परन्तु मात्रा और अनुपान के बिना गुड़ खाने के नुकसान भी है। 

मानाकि मीठा खाना हम सबको पसंद होता है। लेकिन गुड़ खाने के फायदे और नुकसान दोनों है। इसलिए गुड़ का उपयोग निश्चित मात्रा और अनुपान के साथ ही करना चाहिए। जिससे हमें गुड़ के फायदे तो मिले लेकिन इसके होने वाले नुकसान से बचे रहे। 

हम अक्सर सुनते है कि देशी गुड़ खाने के फायदे है। लेकिन बहुत से लोग आज भी यह नहीं जानते कि देशी गुड़ आखिर कौन? ईंधन पर लोहे के बर्तन में पकाकर बनाया गुड़ ही देशी गुड़ कहलाता है। जिसके अपने फायदे और नुकसान है। 

Table of Contents

गन्ने से गुड़ कैसे बनता है ( ganne se gud kaise banta hai )?

गुड़ बनाने की विधि 

गन्ने को खेत से काटकर, पेराई करने से हमें गन्ने का जूस प्राप्त होता है। जिसे गन्ने का रस भी कहा जाता है। जिसको आग पर लोहे की कढ़ाई में पकाया जाता है। जब गन्ने का रस पकते – पकते गाढ़ा होने पर, ढेले के जैसे बांधने से दृढ हो जाता है। उसे ही गुड़ कहते है। 

गुड़ के गुण ( medicinal properties of jaggery in hindi )

आयुर्वेद के अनुसार गुड़ वीर्यवर्धक, गुरु, स्निग्ध, वातनाशक, मूत्र शोधन करने वाला , किंचित पित्तनाशक और मेद, कफ, कृमि एवं बल को उत्पन्न करने वाला बताया गया है।   

गुड़ के प्रकार ( types of jaggery in hindi )

गन्ने को संस्कृत में ईख कहा गया है। जिसकी अलग – अलग नस्ल भारत के विभिन्न क्षेत्रों में आयी जाती है। परन्तु भारत में दो प्रकार के गुड़ देखने को मिलते है – 

गन्ना गुड़ : गन्ने की फसल उत्तर भारत में अधिक पायी जाती है। जिसके कारण भारत में उत्तरी क्षेत्रों में गन्ने के रस से गुड़ बनाया जाता है। 

ताड़ गुड़ : ताड़ उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में होने वाली फसल है। जो भारत में दक्षिणी प्रांतो में अधिक पायी जाती है। जिसके वृक्ष से प्राप्त होने वाले रस से गुड़ बनाया जाता है। जिसमे खजूर गुड़ खाने के फायदे सबसे अधिक है।    

गुड़ खाने के फायदे ( gud khane ke fayde in hindi )

gud khane ke fayde

कफ रोगों को मात देने में गुड़ अग्रणी भूमिका निभाता है। जिसके कारण सर्दियों का मौसम आते ही गुड़ की खपत बढ़ जाती है। जिसको तिल, मूमफली, चना आदि किसी के भी साथ खाया जा सकता है। गुड़ जहा एक और खाने में स्वादिष्ट है। वही दूसरी और स्वास्थ्य के लिए हितकारक है। इस कारण सर्दियों में गुड़ खाने के ढेर सारे फायदे है। 

हालांकि कुछ रोगों में गुड़ खाने के नुकसान भी है, जैसे मधुमेह आदि। जिसके कारण गुड़ खाने के फायदे और नुकसान दोनों है। लेकिन फायदे अधिक और हानि बहुत कम है। आइये गुड़ से होने वाले फायदों के बारे में जानते है – 

आँखों के लिए गुड़ के फायदे ( aankhon ke liye gud ke fayde )

देशी गुड़ आँखों के लिए बहुत ही हितकारी है। यह आँखों की सभी समस्याओ को दूर करता है। जिससे आँखों की नशे और मांसपेशियां मजबूत बनती है। जिससे आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गुड़ खाने के फायदे है।

सर्दी – खांसी – जुकाम में गुड़ के लाभ ( sardee-khansi-jukam me gud ke labh )

कफ दोष से होने वाले रोगों में देशी गुड़ खाने के फायदे है। जिसके कारण सर्दियों के दिनों में गुड़ खाने का मन हो ही जाता है। सर्दी – खांसी – जुकाम यह वह रोग है, जो अक्सर मौसम के बदलने पर हो ही जाते है। जिसमे गुड़ के साथ अदरक या उसके रस का सेवन करने से बहुत लाभ होता है।   

श्वास रोगो में गुड़ खाने के फायदे ( shvaas rogon me gud khane ke fayde )

अस्थमा में श्वास कष्ट की समस्या अक्सर देखी जाती है। लेकिन सर्दिया आते ही श्वास नली में कफ जम जाया करता है। जिससे श्वास नली में सिकुड़न आ जाती है। जिससे श्वास लेने में तकलीफ हुआ करती है। जिसको दूर करने में गुड़ बहुत ही लाभकारी है। जिसमे अदरक के साथ गुड़ खाने से बहुत आराम मिलता है। 

गुड़ में पाया जाने वाला फास्फोरस खनिज, फेफड़ों के लिए बहुत अच्छा है। जो फेफड़ों में जमी गंदगी, धूल और मिट्टी या रेत के महीन कणो को बाहर निकालता है। जिससे यह दमा आदि में बहुत फायदेमंद है। 

वजन प्रबंधन में गुड़ के लाभ ( benefits of jaggery in weight management )

आज के समय में मोटापा वजन बढ़ने का मुख्य कारण है। जो मेद के बढ़ने से होता है। जबकि गुड़ का इस्तेमाल अदरक के साथ करने पर मोटापे को कम करता है। जिससे वजन घटने में मदद मिलती है। वही अकेले गुड़ खाने से मेद बढ़ता है। जिससे वजन कम होने की समस्या का समाधान हो जाता है।

सिर दर्द को दूर करने में गुड़ के फायदे ( sir dard door karne me gud ke fayde )

गुड़ में पाए जाने वाले खनिज और विटामिन्स सर दर्द की समस्या को दूर करते है। फिर चाहे वह ठण्ड लगने के कारण हो या पेट की किसी समस्या के कारण हो।

सर्दी लगने से सिर में दर्द होने पर, अदरक के साथ गुण का सेवन किया जाता है। जबकि पेट रोगो के कारण पेट में गैस आदि होने पर गुण को हरड़ के खात खाया जाता है।   

ब्लड प्रेशर को कम करने में गुड़ के फायदे ( blood pressure me gud ke fayde )

गुड़ में आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिज पाए जाते है। जो हमारे लिए आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है। जिसको खाने से रक्तचाप की समस्या नहीं होती है। यह पोषक तत्व गुड़ में पाए जाते है। जिसके कारण गुड़ रक्तचाप को नियंत्रित करने वाला कहा जाता है। 

पेट को स्वस्थ रखने के लिए गुड़ खाने के फायदे ( pet ke lie gud khane ke fayde)

देशी गुड़ हमारे लिए ऊर्जा का प्राकृतिक स्रोत प्रदान करता है। इसके साथ समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। जिसमे सबसे अधिक योगदान हमारे पेट का होता है। हमें होने वाले रोग पेट की समस्याओ के कारण ही होने है।

जिससे पेट में जलन, गैस और खट्टी डकार आने की समस्या होती है। जो मुख्य रूप से हमारे पाचन तंत्र की समस्या कहलाती है। जिसको दूर करने में गुड़ का इस्तेमाल, हरड़ के साथ करने पर बहुत फायदा होता है। इस प्रयोग से पाचक अग्नि प्रबल होती है। जिससे हमारी भूख खुलने के साथ पेट भी साफ़ होता है। 

जोड़ों के दर्द में गुड़ का फायदा ( joint pain me gud ke fayde )

गुड़ में सूजन को दूर करने वाले गुण पाए जाते है। जो गठिया आदि में देखे पड़ते है। इस रोग में हड्डियों के जोड़ों में सूजन के साथ दर्द की समस्या होती है। जिसमे गुड़ खाने से फायदा होता है। 

मासिक धर्म के दर्द को दूर करने में गुड़ खाने का फायदा ( periods pain me gud ke fayde )

आजकल महिलाओं और लड़कियों में मासिक से जुडी हुई समस्याए पायी जाती है। जिसमे अनियमितता होने से पीरियड में ऐंठन और दर्द की समस्या होती है। जिसको कम करने में गुड़ के फायदे है। जिसमे हरड़ के साथ गुड़ खाना बहुत लाभदायक होता है।  

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में गुड़ खाने के फायदे ( benefits of jaggery for improving immunity in hindi )

प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने में, गुड़ के फायदे है। जिसकी मुख्य वजन इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और खनिज है। जो समग्रता से हमारे समग्र स्वास्थ्य का रक्षण करते है। जिससे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है। 

हड्डियों को मजबूत करने में गुड़ खाने के लाभ ( haddiyon ko mjboot karne me gud ke fayde )

आजकल बूढ़ो और बच्चों में हड्डियों में दर्द होने की समस्या देखी जा रही है। हड्डियों में दर्द के कारण चलना – फिरना तो दूर की बात, उठने – बैठने में भी लोगों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है। जबकि गुड़ में पाया जाने वाला कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। जिससे हड्डियों के दर्द आदि में लाभ होता है। 

खून की कमी दूर करने में गुड़ के लाभ ( jaggery benefits for anemia in hindi )

गुड़ में खून की कमी को दूर करने वाले गुण पाए जाते है। जिससे यह एनीमिया रोग से ग्रषित लोगो के लिए बहुत ही लाभदायक है। गुड़ में पाया जाने वाला आयरन, प्राकृतिक रूप से खून के नए ऊतकों का निर्माण करता है। जिससे खून की कमी दूर करने में मदद मिलती है। 

कान का दर्द मिटाने में गुड़ का फायदा ( benefits of jaggery in ear pain in hindi )

सर्दियों के समय कान के दर्द में गुड़ खाने के फायदे ( gud khane ke fayde ) है। जिसके लिए गुड़ में देशी घी मिलाकर खाने से फायदा होता है। 

पेशाब के शोधन में गुड़ के फायदे ( jaggery benefits for urinary disease in hindi )

गुड़ में मूत्र शोधन के गुण पाए जाते है। जिससे यह पेशाब से सम्बंधित रोगो के उपचार में सहायक है। यह पेशाब में होने वाली जलन, पेशाब न होना, मूत्र का त्याग करने के समय दर्द होना आदि समस्याओ को दूर करता है।    

त्वचा के लिए गुड़ खाने के फायदे ( jaggery benefits for skin in hindi )

गुड़ का सेवन करने से त्वचा चमकदार, चिकनी और मुलायम हो जाती है। जिसकी नुख्य वजह इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट, मिनरल्स और विटामिन है। जो हमारे शरीर और त्वचा को ऑक्सीकृत होने से बचाते है। जिसके कारण हमारी त्वचा में झुर्रिया नहीं आने पाती। जिससे अधिक समय तक हमारी त्वचा जवान बनी रहती है।   

गुड़ में पाए जाने वाले पोषक तत्वों कील – मुहासे, छाई और दाग – धब्बों को मिटाने वाले गुण पाए जाते है। जिसका सेवन करने से उम्र बढ़ने के लक्षण नहीं दिखाई पड़ते। जैसे – त्वचा का काला पड़ना और झूल जाना इत्यादि।  

लीवर के लिए गुड़ के फायदे ( jaggery benefits for liver in hindi )

गुड़ में मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे खनिज पाए जाते है। जिसके कारण यह शरीर में पाए जाने वाले विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालते है। जिसके कारण गुड़ को विषहरण गुड़ वाला माना गया है। हमारे शरीर में मरे हुए ऊतकों को समाप्त करने का काम लीवर करता है। 

जिसके कारण लीवर को साफ़ होने के लिए खनिजों की आवश्यकता पड़ती है। जिसमे गुड़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिससे लीवर अपने कार्य और बेहतर ढंग से कर पाता है। 

गुड़ की तासीर ( gud ki taseer in hindi )

गुड़ की तासीर गर्म होती है। जिसके कारण गुड़ के सेवन को ठण्ड में अच्छा माना जाता है। क्योकि ठंड के मौसम में कफ रोगो के होने की आशंका प्रायः बढ़ जाती है। इसलिए सर्दियों में गुड़ खाने के फायदे है। 

जबकि गर्मियों में गुड़ का अधिक सेवन करने से, दस्त और पेचिस की शिकायत होती है। जिससे बचने और गुड़ के फायदे पाने के लिए गर्मी के दिनों में पानी के साथ गुड़ खाया जाता है। जिससे हमें गुड़ में पाए जाने वाले पोषक तत्व तो मिल जाते है, लेकिन नुकसान कुछ नहीं होता। इसलिए देशी गुड़ खाने के फायदे और नुकसान दोनों देखे जाते है। 

गुड़ खाने के नुकसान ( gud khane ke nuksan )

गुड़ खाने के नुकसान

जिस प्रकार हर खाद्य पदार्थ को खाने के फायदे और नुकसान है। उसी प्रकार गुड़ खाने के भी फायदे और नुकसान है। जिससे बचने के लिए गुड़ खाने के नुकसान और फायदे को जानना आवश्यक है।

सर्दियों के लिए गुड़ खाना रामबाण है, तो गर्मियों में अकेले गुड़ खाने के नुकसान ही नुकसान है। हालाकिं आयुर्वेद में दोनों ही मौसमों में इसको उपयोगी बनाने के लिए अनुपान की व्यवस्था दी है। जैसे – सर्दियों में गुड़ का सेवन मूमफली और तिल आदि के साथ करना उपयोगी माना गया है। तो गर्मियों में ठंडे पानी के साथ गुड़ खाने के फायदे अधिक है।  

उपसंहार :

गन्ने या ताड़ के रस से बनने वाला गुड़, अनोखे स्वाद के साथ पौष्टिकता के लिए भी जाना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन, खनिज और फाइटोकेमिकल्स का अनूठा संयोजन पाया जाता है। इसलिए यह केवल हमें जैविक स्वाद और ऊर्जा प्रदान करता है। बल्कि हमारे शरीर को आवश्यक पोषकतत्वों की भी आपूर्ति करता है। 

गुड़ जहाँ स्वाभाविक रूप से गरम तासीर रखता है। वही अनुपान भेद से वातादि तीनो दोषो को संतुलित भी करता है। जिससे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। इससे न केवल हमारा रोगों से बचाव होता है, बल्कि रोगो के उपचार में भी महत्वपूर्ण योगदान अदा करते है। 

सन्दर्भ : 

भाव प्रकाश – इक्षुवर्गाः 

FAQ

गुड़ की तासीर कैसी होती है? 

सामान्यतः गुण की तासीर गरम होती है। जिसके कारण सर्दियों के मौसम में गुड़ का सेवन अधिक किया जाता है। 

क्या गर्मियों में गुड़ का सेवन सही है?

गर्मियों के दिनों में केवल गुड़ खाना सही नहीं है। लेकिन यदि अनुपान के रूप में पानी के साथ ले बहुत लाभ करता है। ऐसा करने से हमें गर्मी के कारण क्षय हुई ऊर्जा मिलती है। जो हमारी थकान को दूर करने में मदद करती है।  

गर्मियों में गुण क्यों नहीं खाना चाहिए? 

सभी तरह के गुड़ की तासीर गर्म होती है। जिसके सेवन से गर्मियों दस्त आदि के सहित पित्त रोग होने की आशंका होती है। लेकिन यदि उचित मात्रा में पानी के साथ करे तो गर्मी में भी गुड़ खाने के फायदे है। 

क्या शुगर में गुड़ खा सकते हैं?

गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चीनी से कम होता है। इसलिए शुगर में गुड़ खाने के फायदे है। लेकिन गन्ना गुड़ नहीं बल्कि ताड़ गुड़। ताड़ गुड़ में भी खजूर गुड़ मधुमेह की बीमारी खाना सुरक्षित है। 

2 thoughts on “गुड़ खाने के फायदे और नुकसान : gud khane ke fayde aur nuksan”

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