पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए : period ke kitne din baad sambandh banana chahiye

शादी होते ही महिलाओ की जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ पीरियड, सेक्स और प्रेगनेंसी को लेकर उलझने भी बढ़ने लगती है। एक ओर जहां इन पर घर – परिवार की देखभाल का बोझ होता है। वही दूसरी ओर संतान सुख की लालसा भी होती है। इस स्थिति में ये प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर सकती है या प्रेगनेंसी से बचने का विकल्प चुन सकती है।

पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए

जिसके लिए उन्हें अपने पीरियड के दिनों को समझने की आवश्यकता पड़ती है। ताकि उन्हें यह पता चल सके कि प्रेग्नेंट होने के लिए पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए? क्योकि इस दौरान सम्बन्ध बनने से अर्थात पीरियड में प्रेगनेंसी हो सकती है?

अक्सर महिलाओ में प्रेगनेंसी पीरियड आने के बाद ही देखी जाती है। जिससे उन्हें अपने पीरियड का सबसे फर्टाइल दिन का पता चल सके। जिससे यह आकलन लगाने में आसानी हो कि गर्भवती होने के लिए पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाए?

अनावश्यक गर्भधारण से बचने के लिए, आपको अपने पीरियड को बारीकी से समझना आवश्यक है। जिससे यह पता चल सके कि महिला के प्रेग्नेंट होने की संभावना, कब सबसे अधिक होती है और कब सबसे कम? जिससे आप यह अनुमान लगा सके कि गर्भ धारण से बचाव के लिए, पीरियड आने के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए?  

हालाकिं प्रेगनेंसी से बचने के लिए मासिक धर्म के बाद, सम्बन्ध बनाने के लिए कई दिनों तक इंतजार करना होता है। जो नई – नवेली दुल्हन पाने वाले पुरुषो को नहीं सुहाता, क्योकि वे भावुक होने के कारण यह नहीं जान पाते कि पीरियड में सम्बन्ध बनाने से क्या होता है

पीरियड क्या है ( period kya h)

लड़कियों को किशोरावस्था में प्रवेश करते ही, पीरियड आने शुरू हो जाते है। यह महिलाओं के शरीर में प्रति माह घटने वाली सामान्य प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है। जिसमे महिला के गर्भाशय से रक्त और ऊतक, वैजाइना के रास्ते से बाहर निकलते है। लड़कियों को पीरियड आने का मतलब, इनका शरीर इनको संभावित प्रेगनेंसी के लिए तैयार कर रहा होता है। जिसमे एस्ट्रोजन और प्रोस्ट्रोजन जैसे हार्मोन अंडाशय ( ओवरी ) से निकलते है। यह महिला सेक्स हार्मोन एन्ड्रोमेट्रियम ( लाइनिंग ) को बनाना शुरू कराते है। जिससे फर्टिलाइज्ड एग पोषण प्राप्त करता है। 

यही सेक्स हार्मोन ओव्यूलेशन के दौरान, ओवरी से अंडे को निकलने के लिए प्रेरित करते है। जो फैलोपियन ट्यूब के माध्यम से गर्भाशय में आकर, यूटेरिन लाइनिंग से जुड़ कर निषेचन ( फर्टीलाइजेसन ) के लिए तैयार हो जाता है। परन्तु इस समयावधि में सम्बन्ध न बनने से, एग फर्टिलाइज्ड नहीं होता। जिसके कारण यह लाइनिंग टूट कर वैजाइना से रक्तस्राव के रूप में निकलती है। जिसे पीरियड आना कहा जाता है। जिसमे 3 से 7 दिन तक का समय लग सकता है। 

पीरियड कितने दिन का होता है? 

इस लाइनिंग को बनने, टूटने और निकलने में, करीब – करीब 28 दिन लगते है। जिसके कारण एक स्वस्थ महिला का सामान्य मासिक चक्र, आमतौर पर 28 दिनों का माना जाता है। आमतौर पर महिलाओं का पीरियड 21 – 35 दिनों का हो सकता है। पीरियड की अवधि जिसके दौरान ब्लीडिंग होती है। वह 3 – 7 दिनों तक की हो सकती है। देह प्रकृति में भेद होने से एक महिला से दूसरी महिला में मासिक चक्र की अवधि अलग – अलग हो सकती है। इसके साथ अवधि का समय भी भिन्न हो सकता है। 

जिसके कारण हर महिला गर्भ धारण का समय अलग होता है। यदि महिला के मासिक चक्र में अनियमितता पायी जाती है। तब उसको गर्भ धारण करने में, कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। जिसके समाधान के लिए उन्हें चिंता करने के बजाय, चिकित्सा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। 

प्रेग्नेंट होने के लिए पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए 

गर्भधारण करने के लिए ये बात तो सब जानते है कि पीरियड के बाद सम्बन्ध बनाना चाहिए। लेकिन ज्यादातर लोगो को यह पता नहीं होता कि गर्भ ठहरने के लिए पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए। जिसके कारण बार – बार प्रयास करने पर भी गर्भ नहीं रुकता। जिससे महिलाए थक हार कर निराश होने लगती है। विशेषकर वह महिलाए जो पहली बार मां बनने के लिए प्रयत्नशील है। 

इसलिए यदि आप गर्भधारण करना चाहती है तो आपको अपने मासिक धर्म चक्र और उसके विभिन्न चरणों को ठीक से समझना होगा। जिससे आपको अपने यौन जीवन के बारे में, सही एवं सटीक विकल्प चुनने में मदद मिल सकें। सामान्यतः मासिक धर्म चक्र के तीन चरण होते है –

कूपिक चरण : कूपिक चरण के दौरान गर्भाशय रोमों का उत्पादन करके, ओव्यूलेशन की तैयारी कर रहा होता है। जिनमें अंडे होते हैं, जो ओवरी से ओव्यूलेशन के समय निकलते है। 

ओव्यूलेशन चरण : कूपिक चरण के बाद जब ओव्यूलेशन होता है, तो अंडाशय से एक परिपक्व अंडा निकलता है। जो लगभग 24 घंटों तक निषेचन के लिए उपलब्ध रहता है। यह गर्भधारण करने का सबसे उत्तम समय है। इस दौरान सम्बन्ध बनाने से, गर्भ के रुकने की प्रायिकता सबसे अधिक होती है। 

ल्यूटियल चरण : ओव्यूलेशन के बाद, ल्यूटियल चरण शुरू होता है। जिसके दौरान निषेचित अंडे की प्रत्याशा में गर्भाशय की परत मोटी हो जाती है। यदि निषेचन नहीं होता है, तो आपका शरीर गर्भाशय की परत को त्याग देता है। जिससे आपको पीरियड्स आने शुरू हो जाते है। और यदि निषेचन हो जाता है, तब यह भ्रूण के रूप में विकसित होने लगता है। जिसको गर्भ ठहरना कहा जाता है। जिसमे पीरियड नहीं होते। 

पीरियड आने के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए 

पीरियड आने के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए 

गर्भ ठहरने को ही प्रेग्नेंट होना कहा जाता है। इसके लिए विवाहित जोड़ों ( पार्टनर ) के बीच सही समय पर सम्बन्ध बनाना होता है। जिससे महिला के अंडाशय से निकलने वाले अंडे का निषेचन हो सके। लेकिन सबसे बड़ी कठिनाई यह है कि निषेचन के लिए तैयार अंडे की समय अवधि केवल 1 दिन की होती है। यदि इस दौरान अंडा शुक्र से मिलकर फर्टीलाइज्ड हो जाता है, तभी प्रेगनेंसी होती है। यदि किसी कारणवस ऐसा नहीं हो पाता तो प्रेगनेंसी नहीं होती।

इस कारण प्रेग्नेंट होने के लिए माहवारी के चरणों पर नज़र बनाये रखने से, आपको गर्भधारण करने के सर्वोत्तम समय के बारे में बहुमूल्य जानकारी मिल सकती है। परन्तु बहुत से लोग ओवुलेशन पीरियड से परिचित नहीं होते। जिससे उनके मन में पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए को लेकर तरह – तरह की उलझने होती है। परन्तु पीरियड के कितने दिन बाद संबंध ( period ke kitne din baad sambandh ) बनाने की सही जानकारी न होने से, बार – बार प्रयास करने पर भी गर्भ नहीं रुकता। 

जिसके लिए उन्हें अपने मासिक धर्म के दौरान होने वाले, ओव्यूलेशन पीरियड की पहचान करनी होती है। यह अमूमन पीरियड्स साईकिल के दिनों पर निर्भर करता है, जो हर महिला में अलग – अलग भी हो सकता है। अर्थात यदि आपका पीरियड 28 दिन का है तो आपका ओवुलेशन पीरियड शुरू होने वाले दिन से 12 वे, 13 वे और 14 वे दिन होगा। जिसमे सम्बन्ध बनाने से गर्भ ठहरने की संभावना सबसे अधिक होती है। लेकिन यदि आपका पीरियड 30 दिनों का है। तो आपका ओवुलेशन पीरियड शुरू होने के 14 वे, 15 वे और 16 वे दिन होगा।   

गर्भ धारण करने का सही समय

गर्भ धारण करने के लिए ओवुलेशन पीरियड के दौरान, सम्बन्ध बनाना सबसे अच्छा माना गया है। जिसको समझने के लिए ही लोग पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए की बात करते है। जो आजकल पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए वीडियो के रूप में भी देखा जा सकता है। लेकिन इसके लिए गर्भ धारण करने का सही तरीका पता होना भी जरूरी है। 

आधुनिक समय में ओवुलेशन के दौरान होने बनने वाले सम्बन्ध को, प्रेगनेंसी के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। लेकिन यह बहुत सावधानी रखने के कारण पेचीदा है। जिससे एक आम व्यक्ति इन बारीकियों को नहीं साझ पाता। इसलिए जब भी गर्भधारण की बात उनके मन में होती है, तब पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए के बारे में सोचने लगता है। 

लेकिन आयुर्वेद में पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए का उत्तर पहले से मौजूद है। अर्थात माहवारी शुरू होने से 10 वे दिन से लेकर, 16 वे दिन तक को गर्भ धारण करने का सबसे अच्छा समय माना गया है। जिसमे यदि विवाहित जोड़े सम्बन्ध बनाये तो आसानी से गर्भ ठहर सकता हैजिसको आधुनिक विज्ञान के जानकार भी गर्भ धारण का सही समय मानते है। 

पीरियड में कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए 

प्रेग्नेंट होने की चाह रखने वाले लोग हमेशा, पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए को जानने की कोशिश में लगे रहते है। लेकिन सच्चाई तो यह है कि पीरियड के दौरान समबन्ध बनाने से, प्रेग्नेंट होने के चांस बहुत कम होते है। जबकि ज्यादातर लोग पीरियड में बनाये गए सम्बन्ध को, प्रेग्नेंट होने के लिए सबसे अच्छा मानते है। जोकि सरासर गलत धारणा है। इतना ही नहीं पीरियड में संबंध बनाने के नुकसान भी है।

जिससे डरकर लोग क्या पीरियड में संबंध बनाना चाहिए की बात भी करते हैं। जो स्वास्थ्य की दृष्टि जानना सही बात है। परन्तु गर्भ को धारण करने के लिए, प्रति माह अपने मेंस्ट्रुअल साईकिल का जायजा लेना जरूरी है। परन्तु बहुत से लोग इन छोटी – छोटी बातो का ध्यान नहीं रखते, और अनचाहे गर्भ के शिकार हो जाते है। जो अधिकतर कपल्स के लिए बिलकुल सही नहीं होता। जिससे वह आपस में ही सवाल जवाब करने लगते है। 

जबकि प्रेग्नेंट होने के लिए पीरियड आने के बाद और पहले, शारीरिक संबन्ध बनाने की आवश्यकता पड़ती है। जिसके लिए लोग पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए और पीरियड के कितने दिन पहले संबंध बनाना चाहिए की बात करते है। जो गर्भ धारण की इच्छा रखने वाले, कपल्स ( जोड़ों ) के लिए बिलकुल सही है। 

प्रेगनेंसी से बचने के लिए पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाए 

पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाए

प्रेग्नेंट होने से बचने के लिए आप को यह जानना होता है कि आप कब ओव्यूलेट करती हैं। ताकि इस दौरान सावधानी रखकर, गर्भ धारण से अपना बचाव कर सके अर्थात सम्बन्ध न बनाए। इसके लिए आपको आपको मासिक धर्म के बाद सेक्स करने के लिए कुछ दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। 

जिसके लिए आपको अपने मासिक धर्म के चरणों पर ध्यान देना चाहिए। जिससे आपको उन दिनों का चुनाव करने में मदद मिल सके, जिन दिनों आप गर्भधारण के लिए तैयार हो अर्थात आपका ओवुलेशन डे चल रहा हो। जो अमूमन पीरियड शुरू होने के दसवे दिन से लेकर सोलहवे दिन तक होता है। इस दौरान आप सम्बन्ध न बनाकर अनचाही प्रेगनेंसी से बच सकती है

प्रेगनेंसी से बचने का यह सबसे सरल और प्राकृतिक तरीका है। जबकि आजकल प्रेग्नेंट होने से बचने के लिए गर्भ निरोधक गोलियों और मेल – फीमेल कंडोम का भी उपयोग किया जाता है। 

उपसंहार :

अधिकतर महिलाओं को गर्भ धारण करने के लिए मासिक धर्म के बाद, सेक्स करने का सबसे अच्छा समय क्या है नहीं पता होता। जिससे अनचाही प्रेगनेंसी रह जाती हैं। जो अक्सर पति – पत्नी में नोक – झोक का कारण बनती है। वही प्रेगनेंसी से बचाव करने वाली महिलाए सम्बन्ध बनाने को लेकर भयभीत होती है। जिससे पति के बार – बार समझाने के बाद भी सम्बन्ध बनाने को राजी नहीं होती। जिससे कभी – कभी दोनों के बीच सम्बन्ध बनाने को लेकर कहा – सूनी भी हो जाती है।

जिससे बचने के लिए वो पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाए ताकि गर्भ न ठहरने पाए के बारे में सोचने लगती है। जबकि प्रेगनेंसी चाहने वाली महिलाओं को, पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए की जानकारी नहीं होती। जिससे बार – बार प्रयास करते रहने के बाद भी प्रेग्नेंट होने में सफल नहीं हो पाती। जिससे वह पीरियड आने के बाद संबंध बनाये या पहले की अटकलों में ही फसी रहती है। जिससे आगे चलकर चिता और तनाव से घिर जाती है। जिससे इनका मासिक चक्र अनियमित हो सकता है। जो गर्भ धारण करने में कठिनाई पैदा कर सकता है।  

जिससे बचने के लिए आपको अपने पीरियड पर, पैनी नजर बनाये रखनी चाहिए। जिससे आपको यह पता चल सके कि आप कब ओव्युलेट करती है, क्योकि यह गर्भधारण का सबसे स्वर्णिम समय होता है। जिसमे संबंध बना कर आप आसानी से प्रेग्नेंट हो सकती है, और इस दौरान संबंध न बनाकर गर्भधारण करने से भी बच सकती है।

सन्दर्भ :

भाव प्रकाश – गर्भ प्रकरण

पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए – बिरला फर्टीलिटी & आईवीएफ

5 thoughts on “पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए : period ke kitne din baad sambandh banana chahiye”

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